गांधीनगर, 17 जुलाई। गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पांच और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले इस मामले में आठ लोगों को पकड़ा जा चुका था। नए आरोपितों की गिरफ्तारी पहले गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर की गई है।
पहले से गिरफ्तार आरोपितों से मिला सुराग
एटीएस के अनुसार, गिरफ्तार पांचों आरोपित पहले पकड़े गए आरोपितों के संपर्क में थे। जांच में सामने आया है कि ये लोग कथित तौर पर विस्फोटक सामग्री का परीक्षण कर रहे थे और अलग-अलग स्थानों पर कई बार परीक्षण भी किया गया था।
मोबाइल से मिले अहम सबूत
जांच एजेंसी को आरोपितों के मोबाइल फोन से बम बनाने से संबंधित पीडीएफ दस्तावेज, जिहादी साहित्य और विस्फोटक तैयार करने की जानकारी मिली है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि सभी आरोपित कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित थे।
मुख्य साजिशकर्ता और सामग्री की भूमिका
एटीएस की जांच के अनुसार, मामले के कथित मुख्य सूत्रधार मोहम्मद अमीन के पास से बम बनाने की सामग्री बरामद हुई थी। आरोप है कि मोहम्मद अयूब कड़ीवाला ने इसी सामग्री की मदद से टाइम बम बनाने का प्रयास किया, हालांकि वह सफल नहीं हो सका। बाद में यह सामग्री बिलाल आबिदभाई शेरा को दी गई।
गिरफ्तार आरोपितों के नाम
बिलाल आबिदभाई शेरा
मोहम्मद अयूब कड़ीवाला
मोहम्मद पालनपुरी उर्फ खली अयूब सुणसरा
शाफिय रईस मुखी
मोहम्मद हसन हनीफभाई करडिया
अदालत ने आठ दिन की पुलिस रिमांड दी
पांचों आरोपितों को कड़ी अदालत में पेश किया गया, जहां सहायक लोक अभियोजक पीआर दंताणी ने जांच के लिए पुलिस रिमांड की मांग की। अदालत ने दलीलों को स्वीकार करते हुए सभी आरोपितों को आठ दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
कई अहम बिंदुओं पर होगी जांच
सरकारी पक्ष ने अदालत के समक्ष 13 महत्वपूर्ण बिंदु रखे, जिनमें विस्फोटक सामग्री के स्रोत, उसे छिपाने के स्थान, जिहादी साहित्य की प्राप्ति, फंडिंग के स्रोत और अन्य सहयोगियों की पहचान जैसे मुद्दे शामिल हैं।
आतंकी नेटवर्क की गहराई से जांच जारी
एटीएस अब इस पूरे आतंकी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, वित्तीय स्रोतों, विस्फोटक सामग्री की उपलब्धता और कथित साजिश के उद्देश्य की गहन जांच कर रही है।






