गयाजी में पुलिसकर्मियों पर अनुशासन का डंडा: ड्यूटी से गैरहाजिर 14 जवान सस्पेंड, जमीन विवाद में एकपक्षीय दबाव के आरोप में थानाध्यक्ष भी निलंबित

Share

गया, 3 सितंबर। गया जिले में पुलिस विभाग ने अनुशासनहीनता और ड्यूटी में लापरवाही के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एक ही दिन में 14 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इनमें दो पुलिस अवर निरीक्षक (एसआई) और 12 सिपाही शामिल हैं। सभी पर आरोप है कि छुट्टी समाप्त होने के बाद निर्धारित समय पर ड्यूटी पर वापस नहीं लौटे।

पुलिस लाइन के निरीक्षण के दौरान सामने आई लापरवाही

बताया गया कि एसएसपी सुशील कुमार बुधवार को पुलिस लाइन के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान कई पुलिसकर्मियों के निर्धारित समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंचने की जानकारी सामने आई। इसके बाद एसएसपी के निर्देश पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

एसएसपी सुशील कुमार ने स्पष्ट कहा कि ड्यूटी में लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों को अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहने और विभागीय अनुशासन का पूरी तरह पालन करने का निर्देश दिया।

जमीन विवाद में पद का दुरुपयोग, कड़ौना थानाध्यक्ष भी निलंबित

इधर, जहानाबाद जिले के कड़ौना थानाध्यक्ष देवकांत वर्मा को भी निलंबित कर दिया गया है। उन पर गयाजी के बांकेबाजार थाना क्षेत्र से जुड़े जमीन विवाद में पद का दुरुपयोग करते हुए एक पक्ष पर दबाव बनाने और मामले में एकतरफा हस्तक्षेप करने का आरोप है।

मामला विवादित जमीन पर धान की रोपाई से जुड़ा बताया जा रहा है। इस जमीन को लेकर पहले से ही न्यायालय में सिविल मुकदमा लंबित है। इसके बावजूद पुलिस स्तर से विवाद में हस्तक्षेप किए जाने की शिकायत सामने आई।

बांकेबाजार थानाध्यक्ष से कथित तौर पर की गालीगलौज

आरोप है कि कड़ौना थानाध्यक्ष देवकांत वर्मा ने फोन पर मामले से जुड़े एक पक्ष से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बांकेबाजार थानाध्यक्ष पवन कुमार से कथित तौर पर गालीगलौज वाली भाषा का इस्तेमाल किया। साथ ही एक पक्ष पर दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया।

मामला सामने आने के बाद बांकेबाजार थानाध्यक्ष पवन कुमार ने एसएसपी सुशील कुमार को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जानकारी दी और उचित कार्रवाई का अनुरोध किया।

जांच में दोषी पाए जाने के बाद आईजी ने की कार्रवाई

शिकायत मिलने के बाद एसएसपी सुशील कुमार ने कड़ौना थानाध्यक्ष के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए मगध रेंज के आईजी से अनुशंसा की। इसके बाद मामले की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में कड़ौना थानाध्यक्ष को दोषी पाए जाने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवनयापन भत्ता दिया जाएगा। पुलिस विभाग की इन कार्रवाइयों से साफ है कि ड्यूटी में लापरवाही, अनुशासनहीनता और पद के दुरुपयोग के मामलों में अधिकारियों और जवानों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930