कर्मा पूजा में इरफान अंसारी बोले- बहन-बेटियों का सम्मान और सुरक्षा समाज की साझा जिम्मेदारी

Share

जामताड़ा, 22 सितंबर । जामताड़ा में मंगलवार को आयोजित कर्मा पूजा कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड में बहन-बेटियों का सम्मान और सुरक्षा राज्य की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का अवसर उपलब्ध कराना समाज और सरकार की साझा जिम्मेदारी है।

कर्मा पर्व प्रकृति और भाई-बहन के रिश्ते का उत्सव

डॉ. अंसारी ने कहा कि कर्मा पूजा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का उत्सव है। उन्होंने कहा कि जहां कर्म है, वहीं धर्म है।

उन्होंने कहा कि कर्मा पर्व के माध्यम से प्रकृति के प्रति सम्मान, अच्छी फसल, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है। यह पर्व झारखंड की समृद्ध परंपरा और प्रकृति के साथ लोगों के गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा को बताया वास्तविक सम्मान

महिलाओं के सम्मान की चर्चा करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बहनों का सम्मान केवल मंच पर माला पहनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का अधिकार दिलाना ही वास्तविक सम्मान है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।

महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर

इरफान अंसारी ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने झारखंड सरकार की मंईयां सम्मान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

सामाजिक समरसता का संदेश देता है कर्मा पर्व

मंत्री ने कहा कि कर्मा पर्व झारखंड की परंपरा और प्रकृति से जुड़ाव का संदेश देता है। ऐसे पर्व सामाजिक समरसता और पारिवारिक संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों के प्रति समाज को जागरूक करने का भी अवसर प्रदान करते हैं।

उन्होंने लोगों से पर्व की परंपराओं और मूल भावनाओं को आगे बढ़ाते हुए समाज में आपसी सम्मान और सद्भाव बनाए रखने का आह्वान किया।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930