कटिहार। कटिहार के पोठिया थाना क्षेत्र में केले के खेत की आड़ में झोपड़ी बनाकर कथित रूप से संचालित मिनी गन फैक्ट्री का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। सतबेहरी चांदपुर बहियार में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक पिस्टल, एक अर्द्धनिर्मित पिस्टल, बैरल, मैगजीन, जिंदा कारतूस और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए हैं। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें दो मुंगेर जिले के रहने वाले हैं।
पुलिस के अनुसार, मुंगेर के दोनों आरोपित यहां के लोगों को हथियार बनाने का प्रशिक्षण दे रहे थे। पुलिस अब मिनी गन फैक्ट्री के पूरे नेटवर्क और हथियारों की सप्लाई से जुड़े लोगों का पता लगाने में जुटी है।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
सदर एसडीपीओ-1 विशाल आनंद ने गुरुवार देर शाम अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि पोठिया थानाध्यक्ष नवीन कुमार को सूचना मिली थी कि सतबेहरी चांदपुर बहियार स्थित महंथ बाबा स्थान के समीप केले के खेत की आड़ में बनी एक झोपड़ी में अवैध रूप से मिनी गन फैक्ट्री संचालित की जा रही है।
सूचना से पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया गया। इसके बाद एसपी के निर्देश पर मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष छापेमारी टीम गठित की गई।
पुलिस को देखते ही भागने लगे तीनों
विशेष टीम ने तकनीकी अनुसंधान और मानवीय सूचना के आधार पर महंथ बाबा स्थान के समीप झोपड़ी में छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, टीम को देखते ही वहां मौजूद तीन लोग भागने लगे। पुलिस बल की मदद से तीनों को पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान रफीक आलम (30), पिता जैनुल आलम, निवासी सतबेहरी चांदपुर, थाना पोठिया तथा फिरोज (35), पिता स्व. तशलीन और वजीर (44), पिता स्व. एनुल, दोनों निवासी मिर्जापुर बरधा, थाना मुफ्फसिल, जिला मुंगेर के रूप में हुई है।
झोपड़ी से हथियारों का जखीरा बरामद
पुलिस ने झोपड़ी की तलाशी के दौरान एक अर्द्धनिर्मित पिस्टल, एक पिस्टल, एक बैरल, दो मैगजीन और 7.65 एमएम के छह जिंदा कारतूस बरामद किए।
इसके अलावा दो अर्द्धनिर्मित मैगजीन, दो गैस कटिंग मशीन, एक ड्रिल मशीन, तीन मोबाइल फोन और हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण तथा लोहे के सामान भी बरामद किए गए।
मुंगेर कनेक्शन की जांच तेज
दो आरोपितों के मुंगेर निवासी होने के बाद पुलिस अब मिनी गन फैक्ट्री के कथित मुंगेर कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि मुंगेर के दोनों आरोपित यहां हथियार बनाने का प्रशिक्षण दे रहे थे।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह कथित मिनी गन फैक्ट्री कब से संचालित हो रही थी और इससे कितने लोग जुड़े हुए थे।
हथियारों की सप्लाई और खरीदारों की तलाश
पुलिस तैयार हथियारों की संभावित सप्लाई, खरीदारों और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। बरामद हथियारों और उपकरणों के स्रोत की भी जांच की जा रही है।
पूछताछ के आधार पर पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियार निर्माण का प्रशिक्षण कहां से मिला और तैयार हथियारों को किन इलाकों में सप्लाई किया जाता था।
पोठिया थाने में दर्ज हुआ मामला
मामले में पोठिया थाना कांड संख्या 233/26 दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ जारी है। पुलिस मिनी गन फैक्ट्री से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पूरे नेटवर्क तक पहुंचने में जुटी पुलिस
पुलिस अब कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए हथियार निर्माण के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। विशेष रूप से मुंगेर से जुड़े कथित संपर्क, हथियार बनाने का प्रशिक्षण लेने वाले लोगों और तैयार हथियारों की संभावित सप्लाई के बारे में जानकारी जुटायी जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में अग्रतर कार्रवाई जारी है।






