जामताड़ा, 23 सितंबर। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन कानून (एमएमडीआर) राज्य के आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकार, सम्मान और अस्मिता से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा से राज्य का भविष्य जुड़ा हुआ है और इसके अधिकारों को प्रभावित करने वाली किसी भी नीति का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
जल, जंगल, जमीन और खनिज से जुड़े हैं लोगों के हित
दुलाडीह में बुधवार को आयोजित सभा को संबोधित करते हुए इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड की धरती ने देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राज्य के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों से यहां के लोगों के हित जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारों को संविधान के दायरे में रहकर काम करना चाहिए। उनके मुताबिक, संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने वाली किसी भी पहल का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
‘अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से लड़ेगी कांग्रेस’
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कांग्रेस झारखंड के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएगी। उन्होंने एमएमडीआर संशोधन कानून को लेकर पार्टी की ओर से प्रस्तावित आंदोलन की जानकारी भी दी।
उन्होंने बताया कि 26 सितंबर को रांची में लोकभवन के समक्ष कांग्रेस की ओर से धरना आयोजित किया जाएगा। उन्होंने जनता, आदिवासी-मूलवासी समाज और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से धरने में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।
26 सितंबर को रांची में विरोध कार्यक्रम
कांग्रेस की ओर से एमएमडीआर संशोधन कानून के खिलाफ 26 सितंबर को रांची में विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा पहले भी की जा चुकी है। इरफान अंसारी ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखेगी।
उन्होंने कहा कि झारखंड के अधिकार और हित राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण विषय हैं और इन्हें लेकर जनता के बीच जागरूकता जरूरी है।
सभा में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण रहे मौजूद
दुलाडीह में आयोजित सभा में मुखिया दिनेश, कांग्रेस प्रदेश प्रतिनिधि निशापति हांसदा, भागीरथ पंडित समेत कई जनप्रतिनिधि, कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।
सभा के दौरान एमएमडीआर संशोधन कानून सहित झारखंड के अधिकारों और खनिज संसाधनों से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।






