एआर रहमान के बयान पर रानी मुखर्जी ने तोड़ी चुप्पी

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दिग्गज अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने संगीत सम्राट एआर रहमान के एक विवादित बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें रहमान ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को सांप्रदायिकता बढ़ने वाला मंच बताया था। रानी ने इस दावे को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए कहा कि अपने 30 वर्ष के फिल्मी करियर में उन्होंने कभी भी धर्म या जाति के आधार पर किसी तरह का भेदभाव नहीं देखा। उनका कहना है कि बॉलीवुड एक सबसे धर्मनिरपेक्ष और प्रतिभा-आधारित इंडस्ट्री है।

रहमान के बयान के बाद कई हस्तियों ने अपनी प्रतिक्रियाए दी थीं, जिनमें कुछ ने उनके विचारों पर सवाल उठाए थे। इसी कड़ी में रानी मुखर्जी ने एक हालिया इंटरव्यू में कहा, “बॉलीवुड सबसे धर्मनिरपेक्ष जगह है और इस बात पर मुझे पूरा यकीन है। यहां जाति या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता। इंडस्ट्री में अपने 30 साल के करियर में मैंने ऐसा कभी कुछ अनुभव नहीं किया।” उन्होंने आगे यह भी कहा कि बॉलीवुड ने उन्हें वही बनाया है जो वह आज हैं, और वे इसे दिल से मानती हैं।

रानी मुखर्जी ने कहा कि हुनर ही यहां मायने रखता है, और काम के ज़रिए ही पहचान बनती है। उनके मुताबिक जिस कलाकार से दर्शक जुड़ाव महसूस करते हैं, वही टिकता और सफल होता है। जब उनसे फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय गुटबाज़ी और बाहरी दबावों के बारे में पूछा गया, तो रानी ने कहा, “मेरा पूरा ध्यान केवल मेरी फिल्मों पर है। जीवन के इस पड़ाव पर मेरी प्राथमिकता मेरा बच्चा और मेरा परिवार है।”

एआर रहमान ने इससे पहले यह संकेत दिया था कि इंडस्ट्री में सांप्रदायिकता के कारण कुछ मुस्लिम कलाकारों को काम मिलना कठिन हो रहा है, और इसी को लेकर उन्होंने अपने अनुभव शेयर किए थे। इस मुद्दे पर कई हस्तियों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाए दी थीं और अब रानी मुखर्जी का कड़ा बयान इस बहस में एक और मुखर आवाज़ जोड़ता है। रानी का यह रुख उन लोगों का समर्थन करता है जो मानते हैं कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में अभिव्यक्ति और प्रतिभा को सर्वोपरि दर्जा मिलता है और कलाकारों को उनके धर्म या पृष्ठभूमि के बजाय उनके कौशल के आधार पर स्वीकार किया जाता है।

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