इजराइल-हिज्बुल्लाह संघर्ष पर 10 दिन का युद्धविराम, अमेरिका की मध्यस्थता से बनी सहमति

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वाशिंगटन/बेरूत/तेल अवीव। मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच इजराइल और ईरान समर्थित लेबनानी संगठन हिज्बुल्लाह के बीच 10 दिनों के संघर्ष विराम (सीजफायर) पर सहमति बन गई है। इस अहम समझौते की घोषणा डोनाल्ड ट्रंप ने की।

ट्रंप ने बताया कि उन्होंने जोसेफ औन और बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की, जिसके बाद दोनों पक्ष युद्धविराम के लिए राजी हुए। तय समय के अनुसार, दोनों देशों के बीच हमले रोकने की प्रक्रिया पूर्वी समयानुसार शाम 5 बजे (भारतीय समयानुसार रात 2:30 बजे) से लागू होगी।

अमेरिका की सक्रिय भूमिका

ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो को निर्देश दिया है कि वे सैन्य अधिकारियों के साथ मिलकर स्थायी शांति की दिशा में प्रयास करें। उन्होंने दोनों देशों के नेताओं को बातचीत के लिए व्हाइट हाउस आमंत्रित करने की भी बात कही।

लेबनान और इजराइल की प्रतिक्रिया

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इस पहल के लिए अमेरिका का आभार जताया और कहा कि इससे क्षेत्र में शांति का रास्ता साफ हुआ है। वहीं इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि यह फैसला अमेरिका के आग्रह पर लिया गया है, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि रणनीतिक स्थानों से सुरक्षा बल नहीं हटाए जाएंगे।

विपक्ष और अन्य प्रतिक्रियाएं

इजराइल के विपक्षी नेता यायर लापिड ने इस समझौते की आलोचना करते हुए इसे सरकार की कमजोरी बताया।
हिज्बुल्लाह के सांसद इब्राहिम अल-मौसवी ने कहा कि यदि इजराइल हमले रोकता है तो संगठन भी युद्धविराम का पालन करेगा।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इस समझौते का स्वागत किया। वहीं यूरोप की ओर से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया आई है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे क्षेत्र में शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

यह 10 दिन का संघर्ष विराम क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में एक अहम अवसर माना जा रहा है, हालांकि आगे की स्थिति दोनों पक्षों के रुख पर निर्भर करेगी।

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