नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने गुरुवार को शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सत्तापक्ष और विपक्ष की मांग के बाद नेता प्रतिपक्ष आतिशी का वीडियो फॉरेंसिक जांच को भेजने का आदेश दिया। उन्होंने जांच रिपोर्ट 15 दिन के अंदर देने का निर्देश दिया है। अध्यक्ष ने इस दौरान हंगामा न थमता देख सदन की कार्यवाही को तीसरी बार दोपहर 01 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
सदन की कार्यवाही आज पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने नेता प्रतिपक्ष आतिशि की गुरु तेगबहादुर पर कथित टिप्पणी को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इसके कारण अध्यक्ष ने कार्यवाही आधा घंटे के लिए स्थगित कर दी।सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो सत्तापक्ष के सदस्यों का हंगामा जारी ही रहा।
इस दौरान हंगामे के बीच कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने आतिशी पर कोई टिप्पणी की, जिसके बाद आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने हंगामा शुरु कर दिया। इसको देखते हुए अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही आधा घंटे के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद सदन की कार्यवाही तीसरी बार शुरू हुई तो हंगामा न थमता देख कार्यवाही को तीसरी बार आधा घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया।

वायरल वीडियो के मामले पर स्पीकर ने कहा कि आतिशी सदन में नहीं आ रहीं हैं। वह प्रदूषण के मुद्दे पर चर्चा के लिए नोटिस दे रहीं हैं लेकिन खुद सदन में मौजूद नहीं हैं। उन्हें आकर अपना पक्ष रखना चाहिए। इसकी वजह से सदन नहीं चल पा रहा है। अब यह मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। विधानसभा स्पीकर ने आगे कहा कि आतिशी की वीडियो क्लिप की जांच स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैब, दिल्ली को सौंप दी गई है। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित वीडियो क्लिप फॉरेंसिक विभाग को उपलब्ध कराई जाए।
बता दें आम आदमी पार्टी के विधायकों ने आज लिखित में विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता से शिकायत की थी कि जो वीडियो सोशल मीडिया पर दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने डाला है उसमें टैंपरिंग की गई और उन्होंने वीडियो की विश्वनीयता पर सवाल खड़े किए जिसके बाद वीडियो को फोरेंसिक लैब जांच के लिए भेजा जा रहा है ताकि दूध का दूध पानी का पानी हो सके।





