होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण सख्त, ‘दुश्मन’ देशों के जहाजों पर रोक—भारत-चीन को शर्तों के साथ अनुमति

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नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान ने बड़ा बयान दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पूरी तरह बंद नहीं है, बल्कि केवल “दुश्मन देशों” के लिए प्रतिबंधित किया गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका और इजरायल समेत उनके सहयोगी देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जबकि मित्र देशों को समन्वय के बाद सुरक्षित मार्ग दिया जा रहा है।

मित्र देशों को राहत, दुश्मनों पर रोक

अराघची के मुताबिक, भारत, चीन, पाकिस्तान, रूस और इराक जैसे देशों के जहाजों को समन्वय के साथ गुजरने दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि “हमारे दुश्मनों और उनके सहयोगियों को रास्ता देने का कोई कारण नहीं है, लेकिन मित्र देशों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।”

वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर

दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट से करीब 20% वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है। ऐसे में यहां बढ़ते तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ा है। तेल की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है और शिपिंग कंपनियां संकट से जूझ रही हैं।

बातचीत से इनकार

ईरान ने साफ किया है कि फिलहाल उसका बातचीत का कोई इरादा नहीं है। अराघची ने कहा कि मौजूदा हालात में वार्ता की बात करना “आत्मसमर्पण” जैसा होगा।यह बयान व्हाइट हाउस की चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद आया, जिसमें अमेरिका ने ईरान को कड़े परिणाम भुगतने की बात कही थी।

बढ़ता टकराव

ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने पूरे मध्य पूर्व को अस्थिर कर दिया है। ऐसे में होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का “चयनात्मक नियंत्रण” वैश्विक रणनीति और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए अहम संकेत माना जा रहा है।

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