हाई कोर्ट के फैसले के बाद भाजपा का उदयनिधि पर निशाना, कार्रवाई की मांग

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणियों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के आरोप में पार्टी की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय के खिलाफ दर्ज एफआईआर मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा रद्द किए जाने के बाद द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) पर निशाना साधा है। साथ ही पार्टी ने उदयनिधि को उनके पद से हटाने और उनके विरुद्ध मामला दर्ज करने की मांग की है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि उच्च न्यायालय का यह फैसला द्रमुक की ‘हिंदू-विरोधी और संविधान-विरोधी सोच’ को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि यह एफआईआर बदले की भावना से दर्ज की गई थी, जिसका उद्देश्य केवल सच बोलने पर अमित मालवीय को परेशान करना और दंडित करना था।पूनावाला ने कहा, “सत्यमेव जयते। सच हमेशा जीतता है। मद्रास उच्च न्यायालय ने उस एफआईआर को रद्द किया है, जो केवल राजनीतिक प्रतिशोध के तहत दर्ज की गई थी।” उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन एक ऐसे सम्मेलन में शामिल हुए थे, जहां सनातन धर्म के ‘पूर्ण उन्मूलन’ की बात की गई थी।

पूनावाला के कहा कि उदयनिधि ने न केवल उस सम्मेलन में हिस्सा लिया, बल्कि सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से की थी।भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय द्रमुक सरकार की पूरी मशीनरी उस नेता के पीछे लगा दी गई, जिसने इस मुद्दे को सामने रखा। भाजपा ने दोहराया कि पार्टी सनातन धर्म और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवाज उठाती रहेगी और ‘सच बोलने वालों को दबाने की कोशिश’ को स्वीकार नहीं किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि मद्रास उच्च न्यायालय ने उदयनिधि की ‘सनातन धर्म’ पर टिप्पणियों को ‘तोड़-मरोड़कर’ पेश करने’ के आरोप में 2023 में तिरुचि शहर पुलिस द्वारा मालवीय के खिलाफ दर्ज एफआईआर मंगलवार को रद्द कर दिया था। उच्च न्यायालय ने कहा था कि उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणियां ‘नफरती भाषण’ के दायरे में आती हैं।-

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