हरिवंश तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति निर्वाचित, प्रधानमंत्री ने दी बधाई, अनुभव और कार्यशैली को सराहा

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नई दिल्ली। राज्यसभा में शुक्रवार को हरिवंश लगातार तीसरी बार उपसभापति निर्वाचित हुए। विपक्ष की ओर से कोई उम्मीदवार नहीं उतारे जाने के कारण उनका निर्वाचन निर्विरोध हुआ। इसके साथ ही वे इस पद पर लगातार तीसरी बार चुने जाने वाले सदस्य बन गए हैं।

निर्विरोध हुआ चुनाव

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता सदन जगत प्रकाश नड्डा और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे उन्हें आसन तक लेकर पहुंचे और उपसभापति की कुर्सी पर बैठाया।

प्रधानमंत्री ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को राज्यसभा के उपसभापति के रूप में हरिवंश के लगातार तीसरी बार निर्वाचित होने पर उन्हें बधाई दी और इसे सदन के गहरे विश्वास का प्रतीक बताया। राज्यसभा में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि हरिवंश का पुनर्निर्वाचन उनके अनुभव, संतुलित कार्यशैली और सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता की स्वीकृति है। उन्होंने कहा कि उपसभापति के रूप में हरिवंश ने न केवल सदन की कार्यवाही का कुशल संचालन किया है, बल्कि अपने पूर्व अनुभवों से सदन को समृद्ध भी किया है, जिससे सदन का माहौल और अधिक परिपक्व हुआ है।

मोदी ने कहा, “राज्यसभा के उपसभापति के रूप में लगातार तीसरी बार निर्वाचित होना अपने आप में इस सदन का आपके (हरिवंश) प्रति गहरा विश्वास दर्शाता है। साथ ही, बीते हुए कालखंड में आपके अनुभव से सदन को जो लाभ प्राप्त हुआ है, उसका भी यह प्रमाण है। सदन को साथ लेकर चलने का जो आपका प्रयास रहा है, उस पर सदन ने एक प्रकार से अपनी मोहर लगा दी है। यह वास्तव में आपके अनुभव और योगदान का सम्मान है।”

प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि उनका नया कार्यकाल भी समर्पण, संतुलन और गरिमा के साथ आगे बढ़ेगा और सदन नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि हरिवंश ने राज्यसभा सदस्य बनने के बाद अपना अधिकांश समय संसदीय कार्यों को समर्पित किया है और सभापति की अनुपस्थिति में वे कुशलतापूर्वक सदन का संचालन करते रहे हैं।

उन्होंने हरिवंश के सार्वजनिक जीवन और पत्रकारिता में योगदान की भी सराहना करते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली में स्पष्टता, विनम्रता और शालीनता का समन्वय दिखाई देता है। साथ ही उन्होंने विधानसभाओं और विधान परिषदों के अधिकारियों के प्रशिक्षण में उनके योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया। मोदी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि 21वीं सदी के इस दूसरे क्वार्टर में इस सदन को बहुत करना है। देश को प्रगति के पथ पर ले जाने में और विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में सदन के द्वारा बहुत कुछ होगा, ऐसा मुझे विश्वास है। इस कारण पीठाधीश सहित हम सबका दायित्व बहुत बड़ा होता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 से अब तक हरिवंश ने देशभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 350 से अधिक कार्यक्रमों में भाग लिया है, जो युवाओं से उनके निरंतर संवाद को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हरिवंश ने मगध विश्वविद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केंद्र स्थापित करने में सहयोग किया और सांसद निधि के उपयोग की एक मिसाल प्रस्तुत की। इसके अलावा, गंगा और घाघरा नदियों के बीच के क्षेत्रों में कटाव की समस्या के समाधान के लिए एक रिवर रिसर्च सेंटर की स्थापना को भी प्रधानमंत्री ने सराहा। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती का भी उल्लेख करते हुए कहा कि हरिवंश का उनके साथ गहरा जुड़ाव रहा है और इसी दिन उनका तीसरी बार इस पद पर आसीन होना एक विशेष संयोग है।

विपक्ष ने भी जताई उम्मीद

विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वे सदन में सभी पक्षों को समान अवसर देंगे। इस दौरान उन्होंने लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद 2019 से खाली होने का मुद्दा भी उठाया और इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप भरने की आवश्यकता बताई।

विपक्षी दलों ने भी हरिवंश को सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखने में उनकी भूमिका अहम रहेगी।

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