सूरत की कंपनी में हिंसा के बाद कड़े सुरक्षा प्रबंध, हजीरा क्षेत्र पुलिस छावनी में बदला, कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी

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सूरत। सूरत के हजीरा स्थित एएम/एन एस कंपनी में गुरुवार को हुई हिंसक घटना के बाद शुक्रवार सुबह से ही पूरा हजीरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। एल-एन-टी के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों द्वारा किए गए पथराव और तोड़फोड़ के बाद किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में सभी इंडस्ट्रियल यूनिट्स में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है और सघन कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

फिर इकट्ठा हुए कर्मचारियों को पुलिस ने तुरंत हटाया

गुरुवार की घटना के असर शुक्रवार सुबह भी देखने को मिला। पुलिस के अनुसार, करीब 50 से अधिक एलएंडटी के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी फिर से एकत्रित हुए थे। हालांकि, पहले से तैनात पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी को वहां से हटा दिया और स्थिति को नियंत्रण में कर लिया।

सोशल मीडिया पर पुलिस की ‘डिजिटल’ नजर

जांच में सामने आया है कि हिंसा भड़काने में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका रही है। हरियाणा के पानीपत में हुए श्रमिक आंदोलन के वीडियो व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स में वायरल कर कर्मचारियों को उकसाया गया था। कुछ मैसेज में पुलिस को निशाना बनाने की भी बात सामने आई है। फिलहाल साइबर सेल इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर कड़ी निगरानी रख रही है।

40 से अधिक पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज

गुरुवार को हुए पथराव में डीसीपी शेफाली बरवाल समेत कई पुलिस अधिकारी घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने अब तक 40 से अधिक उपद्रवी तत्वों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। साथ ही, अन्य अज्ञात लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच तेज कर दी गई है।

अफवाह फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई: डीसीपी

डीसीपी शेफाली बरवाल ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि पुलिस का सोशल मीडिया मॉनिटरिंग यूनिट सक्रिय है और भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे हजीरा क्षेत्र में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।

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