सीएम हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने सरहुल और ईद की दी बधाई

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रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रकृति पर्व सरहुल और ईद की सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। सोरेन ने शनिवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि सरहुल केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और मानव जीवन के बीच गहरे संबंध का प्रतीक है। यह पर्व हमें सिखाता है कि जल, जंगल और जमीन के साथ संतुलन बनाकर ही समृद्ध और सतत भविष्य की ओर बढ़ा जा सकता है।

उन्होंने कहा है कि सरहुल का यह पावन पर्व आप सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए, यही कामना करता हूं। वहीं, मुख्यमंत्री ने ईद-उल-फितर पर सभी को दिली मुबारकबाद दी है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि यह त्योहार प्रेम, भाईचारे, दया और आपसी सद्भाव का संदेश देता है। रमज़ान के महीने में किए गए संयम, सेवा और इबादत हमें समाज में करुणा और एकता को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं। आप सभी खुशहाल रहें, यही दुआ करता हूं।

पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने सरहुल के पावन पर्व की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दी है। मरांडी ने शनिवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि यह पर्व प्रकृति, संस्कृति और आदिवासी परंपराओं का अद्भुत संगम है, जो हमें धरती, जल, जंगल और जीवन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि सरहुल आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए।

वहीं, रांची के सांसद और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भी सरहुल की सभी को बधाई दी है। सेठ ने शनिवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि बिना कुछ लिए, बिना किसी अपेक्षा के सृष्टि के आरम्भ काल से ही प्रकृति ने संपूर्ण जीवजगत को सिर्फ देने का काम किया है। प्रकृति के इस दातव्यता के प्रति आभार प्रकट करने का उल्लास ही सरहुल पर्व है।

उन्होंने कहा कि इस पर्व को प्रकृति के सबसे करीब रहने वाला आदिवासी समाज मनाता है, पर यह पर्व हर उस जीव के लिए है, जिसने प्रकृति से कुछ भी लिया है। आइए, हमसब भी प्रकृति के प्रति आभार प्रकट कर, इस पर्व को मनाएं। उन्होंने कहा कि प्रकृति को देना सीखें। सेठ ने सभी को सरहुल पर्व की अनंत शुभकामनाएं दी है।

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