लखनऊ, 17 जून। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी में जल्द बड़ी टूट हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कई नेता असहज स्थिति में हैं और सपा का संगठन बिखराव की ओर बढ़ रहा है।
सोशल मीडिया पोस्ट में किया बड़ा दावा
सोहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होने वाली है। उन्होंने दावा किया कि सपा के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र सौंपा है।
राजभर ने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि खनन और गोमती रिवर फ्रंट परियोजना से जुड़े मामलों का “मास्टरमाइंड कौन है, यह पूरा उत्तर प्रदेश जानता है” और जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ रहा है, सपा की बेचैनी भी बढ़ रही है।
भाजपा में शामिल होने का भी किया दावा
ओम प्रकाश राजभर ने अपने बयान में कहा कि महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की राजनीति की चर्चा छोड़ दीजिए, समाजवादी पार्टी के कई नेता भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के लिए तैयार बैठे हैं। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।
सपा ने किया पलटवार
राजभर के दावों पर समाजवादी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है। सपा का कहना है कि ओम प्रकाश राजभर अक्सर इस तरह के बयान देते रहते हैं और उनके दावों में कोई तथ्य नहीं है।
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी चर्चा
राजभर के बयान के बाद उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, अब तक समाजवादी पार्टी में किसी प्रकार की टूट या बड़े स्तर पर दल-बदल की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में राजभर का यह दावा फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी के रूप में ही देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए प्रदेश में आरोप-प्रत्यारोप और दलों के बीच बयानबाजी का दौर और तेज हो सकता है।






