नई दिल्ली, 07 सितंबर । दिल्ली के सत्य निकेतन पेइंग गेस्ट (पीजी) हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। हादसे वाली इमारत का नाम पी-14 बताया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), दमकल विभाग, दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियों की टीमें लगातार मलबा हटाकर उसमें फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं। अब तक 10 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी
सत्य निकेतन स्थित पी-14 इमारत में रविवार दोपहर हादसा हुआ था। घटना के बाद से ही विभिन्न एजेंसियों की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं। मलबे में दबे अन्य लोगों की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी है।
पीजी इमारतों की सुरक्षा पर उठे सवाल
हादसे ने राजधानी में पीजी के रूप में इस्तेमाल की जा रही इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घनी आबादी वाले इलाकों में निर्माण नियमों और अग्निशमन सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि पी-14 इमारत का निर्माण 1990 के दशक में हुआ था।
दिल्ली सरकार ने न्यायिक जांच के दिए आदेश
दिल्ली सरकार ने हादसे की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने कथित तौर पर इमारत के मालिक हरि राम और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस की ओर से घटना के कारणों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
उप राज्यपाल ने घटनास्थल का लिया जायजा
उप राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने हादसे पर गहरी चिंता जताते हुए दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) समेत सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ तेजी से राहत एवं बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के साथ मंत्री कपिल मिश्रा, मेयर प्रवेश वाही, सांसद बांसुरी स्वराज और विधायक अनिल शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे।
जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री से फोन पर ली जानकारी
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से फोन पर बातचीत कर हादसे की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दिल्ली सरकार को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
जेपी नड्डा ने एम्स नई दिल्ली और दिल्ली के केंद्रीय सरकारी अस्पतालों के निदेशकों को घायलों को हरसंभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।
फिलहाल मलबा हटाने और उसमें फंसे लोगों की तलाश का अभियान जारी है। प्रशासन की ओर से बचाव अभियान पूरा होने के बाद हादसे में हताहतों की संख्या और घटना के कारणों की विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।






