नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उनकी पार्टी तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) पर लोकसभा में विपक्ष के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक के मामले में टीडीपी के रुख से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और विपक्ष के अधिकारों को नुकसान पहुंचा है।
सोशल मीडिया पोस्ट में उठाए सवाल
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि 16 अप्रैल को टीडीपी ने संविधान संशोधन विधेयक में बदलाव का सुझाव दिया था। उनके अनुसार, प्रस्तावित संशोधन से लोकसभा में राज्यों के प्रतिनिधित्व में लगभग 50 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती थी। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्री ने विधेयक में ऐसा कोई बदलाव शामिल नहीं किया।
‘चाणक्य’ टिप्पणी पर निशाना
कांग्रेस नेता ने बिना नाम लिए कहा कि स्वयं को ‘चाणक्य’ बताने वाले नेता 17 अप्रैल की शाम को बेनकाब हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को भरोसे में लेने के बजाय उसके साथ छल किया गया।
टीडीपी की भूमिका पर उठे सवाल
रमेश ने कहा कि टीडीपी अब एक “अनजान नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया” की छाया में सिमटती नजर आ रही है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक बताया और कहा कि संसद में विपक्ष की भूमिका को कमजोर करना उचित नहीं है।
विपक्ष के अधिकारों की अनदेखी का आरोप
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम संसदीय परंपराओं और विपक्ष के अधिकारों के साथ गंभीर अन्याय का उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण विधायी प्रक्रियाओं में विपक्ष के सुझावों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
टीडीपी की ओर से प्रतिक्रिया नहीं
हालांकि, जयराम रमेश के इन आरोपों पर टीडीपी या आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक हलकों में इस बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है।






