सीएम आवास में विधायकों की रिहर्सल रही सफल, 56 विधायकों के समर्थन का दावा; बुधवार को दो अहम बैठकें और संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस
रांची: झारखंड राज्यसभा चुनाव से पहले महागठबंधन ने अपनी रणनीतिक तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित महागठबंधन विधायकों की बैठक में मॉक पोल (डमी वोटिंग) कराया गया, जिसमें एक भी वोट रिजेक्ट नहीं हुआ। इसे सत्ता पक्ष के लिए बड़ी राहत और रणनीतिक सफलता माना जा रहा है।
राज्यसभा चुनाव में तकनीकी त्रुटियों के कारण वोट रद्द होने की आशंका को देखते हुए विधायकों को मतदान प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया। मॉक वोटिंग के दौरान सभी विधायकों ने सही तरीके से मतदान किया और कोई भी वोट अमान्य नहीं हुआ। कांग्रेस के पर्यवेक्षक अजय शर्मा ने दावा किया कि महागठबंधन के सभी 56 विधायक एकजुट हैं और दोनों राज्यसभा सीटों पर गठबंधन की जीत सुनिश्चित है।
महागठबंधन ने बुधवार के लिए भी रणनीतिक बैठकों का कार्यक्रम तय किया है। पहली बैठक बीएनआर होटल में होगी, जहां चुनावी गणित और मतदान प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद शाम में मुख्यमंत्री आवास पर दूसरी बैठक आयोजित होगी, जिसमें अंतिम रणनीति पर मुहर लगेगी। दोनों बैठकों के बाद महागठबंधन संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी एकजुटता का संदेश देगा।
चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए कांग्रेस ने दिल्ली से वरिष्ठ नेताओं को भी रांची भेजा है। प्रदेश प्रभारी के. राजू और सह-प्रभारी श्रीबेला प्रसाद पोलिंग एजेंट की भूमिका निभाएंगे, जबकि सांसद नासिर हुसैन को काउंटिंग एजेंट बनाया गया है। उनका दायित्व मतदान और मतगणना के दौरान पूरी प्रक्रिया पर नजर रखना होगा।
राज्यसभा चुनाव के इस सियासी मुकाबले में अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मॉक पोल में मिली ‘100 प्रतिशत सफलता’ वास्तविक मतदान और नतीजों में कितनी कारगर साबित होती है।






