नोएडा। नोएडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में पिछले एक सप्ताह से जारी श्रमिकों के उग्र आंदोलन के बाद बुधवार को हालात सामान्य होते दिखे। ज्यादातर औद्योगिक इकाइयां और शैक्षणिक संस्थान खुल गए हैं, हालांकि गिरफ्तारी के डर से श्रमिकों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही।
भारी पुलिस बल की तैनाती, फ्लैग मार्च जारी
संवेदनशील इलाकों में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है। जगह-जगह चौकियां बनाकर सुरक्षा बढ़ाई गई है। पुलिस द्वारा लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
21 प्रतिशत वेतन वृद्धि का असर
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति की सिफारिश पर 21 प्रतिशत वेतन वृद्धि का ऐलान किया गया है। इससे कई श्रमिक संतुष्ट हैं, लेकिन कुछ अब भी आंदोलन के पक्ष में हैं।
11 हजार से अधिक इकाइयां खुलीं
बुधवार सुबह करीब 11,098 औद्योगिक इकाइयां और शैक्षणिक संस्थान दोबारा शुरू हो गए। कुछ स्थानों पर श्रमिकों ने विरोध जताया, लेकिन प्रशासन ने समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
6 हजार से ज्यादा जवान तैनात
औद्योगिक क्षेत्रों में शांति बहाल रखने के लिए 6 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा अन्य जिलों से भी पुलिस बल को स्टैंडबाय पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
पहले हुई थी व्यापक हिंसा
गौरतलब है कि पिछले दिनों वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर श्रमिकों ने उग्र प्रदर्शन किया था। इस दौरान करीब 500 औद्योगिक इकाइयों में तोड़फोड़, वाहनों में आगजनी और सड़क जाम जैसी घटनाएं सामने आई थीं, जिससे औद्योगिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई थीं।

प्रशासन की सख्त चेतावनी
लक्ष्मी सिंह ने श्रमिकों से काम पर लौटने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें पूरी सुरक्षा दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की हिंसा या उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।






