वैशाली नाव हादसे के बाद बड़ी कार्रवाई, राघोपुर के सीओ दीपक कुमार हटाए गए, 13 बच्चों की मौत के बाद ग्रामीणों में था भारी आक्रोश

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–पातेपुर के सीओ प्रभात को मिला राघोपुर का अतिरिक्त प्रभार

वैशाली। बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर के रामपुर श्यामचंद गांव में नाव डूबने से 13 बच्चों की मौत के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने राघोपुर के अंचल अधिकारी दीपक कुमार को उनके पद से हटाकर जिला जन शिकायत कोषांग, वैशाली में प्रतिनियुक्त कर दिया है। वहीं, पातेपुर के अंचल अधिकारी प्रभात को राघोपुर अंचल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में अंचल प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी थी। ग्रामीणों ने कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को हटाने की मांग की थी। प्रशासनिक फेरबदल को हादसे के बाद उपजे आक्रोश और मामले की गंभीरता के बीच महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश

जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, पातेपुर के अंचल अधिकारी प्रभात अपने वर्तमान दायित्वों के साथ राघोपुर अंचल का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। उन्हें तत्काल प्रभाव से प्रभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, अंचल से जुड़े लंबित कार्यों का समय पर निपटारा सुनिश्चित करने को कहा गया है।

आदेश में आपदा प्रबंधन और जनशिकायत से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने का निर्देश भी शामिल है। वहीं, राघोपुर के अंचल अधिकारी दीपक कुमार को अगले आदेश तक जिला जन शिकायत कोषांग, वैशाली में प्रतिनियुक्त किया गया है। प्रशासनिक आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

ग्रामीणों ने अंचल प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप

रामपुर श्यामचंद गांव में नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत के बाद से ही राघोपुर दियारा क्षेत्र में लोगों के बीच नाराजगी थी। ग्रामीणों का आरोप था कि क्षेत्र में नावों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम भी नहीं किए गए हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक, दियारा क्षेत्र में सरकारी नावों की उपलब्धता, नावों के निबंधन और लाइफ जैकेट जैसी सुरक्षा सुविधाओं को लेकर कई बार मांग उठाई गई थी, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाए गए। हादसे के बाद ग्रामीणों ने राघोपुर के अंचल अधिकारी को हटाने की मांग तेज कर दी थी।

उनका कहना था कि यदि नावों के संचालन और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर समय रहते उचित व्यवस्था की गई होती, तो हादसे को टाला जा सकता था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के बाद ही हो सकेगी।

नाव हादसे की जांच के भी आदेश

इस बीच, जिला प्रशासन ने नाव हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, नाव में क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने और सुरक्षा उपकरणों की कमी को हादसे की संभावित वजहों में शामिल माना जा रहा है।

मामले में नाव मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जांच में हादसे के कारणों, सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित जिम्मेदारियों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

13 बच्चों की मौत के बाद हुई इस प्रशासनिक कार्रवाई से क्षेत्र में आपदा प्रबंधन और नावों के सुरक्षित संचालन को लेकर जवाबदेही का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।

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