दुमका, 04 मई — सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के एक पुराने मामले में अदालत ने गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट से कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव को एक साल की सजा सुनाई है। यह फैसला एमपी-एमएलए मामलों की विशेष अदालत के न्यायाधीश मोहित चौधरी ने सुनाया।
क्या है मामला?
यह मामला वर्ष 2010 का है, जब उस समय झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) से जुड़े नेता प्रदीप यादव और रंधीर सिंह ने सूखा (सूखाड़) के मुद्दे पर देवघर समाहरणालय का घेराव किया था। इस दौरान देवघर नगर थाना में कांड संख्या 363/2010 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
आरोप क्या थे?
आरोप था कि प्रदर्शन के दौरान प्रशासन द्वारा हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को केकेएम देवघर स्टेडियम से छुड़ाकर ले जाने में प्रदीप यादव की भूमिका थी, जिससे सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई।
कोर्ट का फैसला
- अदालत ने प्रदीप यादव को दोषी मानते हुए एक साल की सजा सुनाई।
- वहीं, साक्ष्य के अभाव में पूर्व विधायक रंधीर सिंह समेत 14 अन्य आरोपितों को बरी कर दिया गया।
जमानत भी मिली
चूंकि सजा दो साल से कम है, इसलिए अदालत ने प्रदीप यादव को जमानत भी दे दी है। करीब 16 साल पुराने इस मामले में अदालत का फैसला आया है, जिसमें एक ओर विधायक को दोषी ठहराया गया, वहीं अन्य आरोपितों को राहत मिली है।






