पटना, 25 अगस्त । मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, बिदुपुर में ‘सात निश्चय-3’ के तहत ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ अभियान के अंतर्गत ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य राज्य के शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की समस्याओं, शिकायतों और सुझावों का प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
हर माह चौथे मंगलवार को लगेगा शिविर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रत्येक माह के चौथे मंगलवार को शिक्षण संस्थानों में ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ आयोजित किया जाएगा। इसमें शैक्षणिक व्यवस्था, परीक्षा, छात्रावास, पेयजल, शौचालय, कैंटीन सहित विद्यार्थियों से जुड़ी अन्य समस्याओं और सुविधाओं को लेकर शिकायतें एवं सुझाव सुने जाएंगे।
विद्यार्थियों की सुविधा के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ के जरिए ऑनलाइन शिकायत और सुझाव दर्ज करने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर 1100 के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। विद्यार्थी अपनी शिकायत की स्थिति की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे।
30 दिनों के भीतर शिकायतों का निराकरण
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर में मिलने वाली शिकायतों का अधिकतम 30 दिनों के भीतर अंतिम निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण की प्रभावी निगरानी करने को भी कहा।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। शिविर के माध्यम से छात्रों को अपनी बात सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा और उन्हें शिकायतों के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
इंटरनेट और निर्बाध बिजली की व्यवस्था के निर्देश
मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। उन्होंने अधिकारियों को राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, वैशाली में बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी और निर्बाध बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि जब तक सभी विद्यार्थियों के लिए स्थायी हॉस्टल की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में मात्र 10 रुपये में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई जा रही है। राज्य सरकार इंजीनियरिंग कॉलेजों में विद्यार्थियों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
इंजीनियरिंग कॉलेजों में खुलेंगे जन औषधि केंद्र
विद्यार्थियों के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर के आसपास प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने के लिए उपयुक्त स्थल चयन करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों का चयन किया जाए, जिससे विद्यार्थियों के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों को भी इसका लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक संस्थानों और अंबेडकर छात्रावासों में जन औषधि केंद्र खोलने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
छात्रों के इनोवेशन को स्टार्टअप से जोड़ने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के सुझाव सरकार के लिए महत्वपूर्ण हैं और इनसे नीतियां बनाने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं की ओर से तैयार किए जा रहे विभिन्न प्रोजेक्ट्स में नए और उपयोगी इनोवेशन को स्टार्टअप से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने विद्यार्थियों को नए विचारों और नवाचार के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
सूचना-सहायता काउंटर और विभिन्न सुविधाओं का जायजा
मुख्यमंत्री ने कॉलेज के प्रशासनिक-सह-शैक्षणिक भवन के फैकल्टी रूम में स्थापित सूचना-सहायता काउंटर का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और जानकारियों के बारे में जानकारी ली।
इसके बाद उन्होंने भवन के भूतल पर उद्योग विभाग, वैशाली और जिला निबंधन-सह-परामर्श केंद्र की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। तृतीय तल पर क्लास रूम, म्यूजिक रूम, सेमिनार हॉल, स्टार्टअप सेल, एंटरप्रेन्योरशिप सेल और विभिन्न प्रयोगशालाओं का भी जायजा लिया तथा विद्यार्थियों से बातचीत की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
कई मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री सह वैशाली के प्रभारी मंत्री निशांत कुमार, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन, जदयू प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक उमेश सिंह कुशवाहा, विधायक सिद्धार्थ पटेल और संजय कुमार सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव हिमांशु शर्मा, तिरहुत प्रक्षेत्र के डीआईजी चंदन कुशवाहा, वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह, पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।






