भागलपुर, 25 अगस्त । जिले के खरीक प्रखंड स्थित राघोपुर-शंकरपुर (काजीकोरैया) मुख्य जमींदारी बांध का बड़ा हिस्सा टूटने से क्षेत्र में बाढ़ का गंभीर संकट पैदा हो गया है। बांध टूटने के बाद गंगा का पानी तेजी से रिहायशी और कृषि इलाकों में फैल रहा है। अकेले राघोपुर गांव में एक हजार से अधिक घरों और करीब पांच हजार की आबादी के प्रभावित होने की सूचना है।
रात के अंधेरे में टूटा बांध, मची अफरा-तफरी
बांध रात के अंधेरे में टूटने के बाद पानी तेजी से गांव में घुसने लगा। घरों में पानी प्रवेश करने से ग्रामीणों के बीच अफरा-तफरी मच गई। लोग जरूरी सामान और मवेशियों को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर निकलने लगे। वर्ष 2008 की प्रलयंकारी बाढ़ की याद से ग्रामीणों में भय का माहौल है।
दर्जनों गांवों पर मंडरा रहा जलमग्न होने का खतरा
गंगा का उफनता पानी नवगछिया शहर के साथ-साथ निचले रिहायशी और कृषि इलाकों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। खरीक प्रखंड के राघोपुर, लोकमानपुर, उस्मानपुर, शंकरपुर और तुलसीपुर समेत दर्जनों गांवों पर जलमग्न होने का खतरा मंडरा रहा है।
बाढ़ के पानी की चपेट में आने से सैकड़ों एकड़ में लगी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है।
डीएम समेत आला अधिकारी मौके पर पहुंचे
बांध टूटने की सूचना मिलते ही भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे, नवगछिया के एसडीओ, आपदा प्रबंधन विभाग के अपर समाहर्ता और पुलिस प्रशासन की टीम शंकरपुर स्थित घटनास्थल पर पहुंची। अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर कैंप कर स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की टीमों को अलर्ट कर दिया है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों तक पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया है।
टूटे हिस्से पर बनाया जा रहा रिंग बांध
जिलाधिकारी ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों से धैर्य बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। पानी के फैलाव को रोकने और बांध के दोनों सिरों को सुरक्षित करने के लिए टूटे हिस्से पर रिंग बांध बनाने का काम शुरू कर दिया गया है।
250 लाख सैंडबैग और जियो बैग लगाए गए
जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख वरुण कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर डटे हैं। कटाव रोकने के लिए करीब 250 लाख सैंडबैग, जियो बैग, 20 नावें, 16 ट्रैक्टर और तीन जेसीबी मशीनें चौबीसों घंटे काम में लगाई गई हैं।
पटना से विशेष तकनीकी टीम भी मौके पर भेजी गई है, जो बांध और नदी की स्थिति की निगरानी कर रही है।
फरक्का बराज से पानी छोड़ने का अनुरोध
गंगा नदी के जलस्तर के दबाव को कम करने के लिए बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग ने फरक्का बराज के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर तत्काल पानी छोड़ने का अनुरोध किया है। विभाग का प्रयास है कि नदी के बढ़ते जलस्तर का दबाव कम किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने की समीक्षा, राहत कार्य तेज करने के निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी बांध टूटने की स्थिति को लेकर उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा, बचाव और राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की टीमें प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ बांध के टूटे हिस्से को दुरुस्त करने में जुटी हैं।






