नालंदा, बिहारशरीफ । युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग बिहार सरकार के अंतर्गत संचालित बिहार कौशल विकास मिशन द्वारा राज्य के युवाओं के कौशल उन्नयन एवं रोजगार सृजन के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज सोमवार को आरपीएल कार्यक्रम के तहत “कृषि प्रसार सेवा प्रदाता” ट्रेड में प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है।यह प्रशिक्षण 23 फरवरी से 09 मार्च तक कौशल विकास केंद्र, आत्मा में आयोजित किया गया है, जिसमें कुल 30 प्रशिक्षणार्थी भाग ले रहे हैं।
कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में पूर्व से कार्यरत कृषक मित्रों, कृषि सलाहकारों एवं संबंधित युवाओं के अनुभव को औपचारिक मान्यता प्रदान करना तथा उनके तकनीकी एवं व्यवहारिक कौशल को उन्नत करना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कृषि प्रसार की आधुनिक अवधारणाओं, उन्नत फसल उत्पादन तकनीक, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जल संरक्षण तकनीक, कृषि यंत्रीकरण, फसल विविधीकरण, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती तथा सरकारी योजनाओं की अद्यतन जानकारी प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त किसानों से प्रभावी संवाद स्थापित करने की तकनीक, समूह गठन एवं प्रबंधन, फील्ड डेमो का आयोजन, डिजिटल माध्यमों के उपयोग तथा कृषि आधारित उद्यमिता विकास पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
आरपीएल कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षणार्थियों के पूर्व अनुभव का मूल्यांकन कर उन्हें प्रमाणन प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी कार्यक्षमता को औपचारिक पहचान मिलेगी एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। इस पहल से कृषि प्रसार तंत्र को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी तथा नवीन कृषि तकनीकों का लाभ अधिकाधिक किसानों तक पहुँच सकेगा।जिला कृषि पदाधिकारी, नालंदा ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि क्षेत्र में दक्ष एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन का विकास समय की आवश्यकता है। इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रमों से न केवल युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे, बल्कि किसानों की आय वृद्धि एवं कृषि उत्पादकता में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान एवं कौशल का उपयोग अपने-अपने क्षेत्र में किसानों के मार्गदर्शन हेतु करें।नालंदा जिला प्रशासन कृषि क्षेत्र में सतत विकास, आत्मनिर्भरता एवं किसानों की समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी इस प्रकार के कौशल उन्नयन कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा।





