अयोध्या: भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी को लेकर अयोध्या में इस बार प्रशासन ने बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए प्रयागराज महाकुंभ के दौरान अपनाए गए भीड़ प्रबंधन मॉडल को लागू करने की योजना बनाई गई है।
पांच लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना
प्रशासन का अनुमान है कि इस बार करीब 5 लाख श्रद्धालु राम मंदिर में रामलला के जन्मोत्सव में शामिल होने पहुंच सकते हैं। ऐसे में किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है।

रामपथ पर लागू होगा वन-वे सिस्टम
भीड़ बढ़ने की स्थिति में
- रामपथ को हनुमानगढ़ी चौराहे से श्रीराम चिकित्सालय तक एकल मार्ग (वन-वे) बनाया जाएगा
- टेढ़ी बाजार से लता चौक तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी
दर्शन के लिए नया रूट प्लान
- श्रद्धालुओं को रामजन्मभूमि पथ से प्रवेश दिया जाएगा
- गेट नंबर-3 के पास बने वैकल्पिक मार्ग से निकासी होगी
- निकासी के बाद श्रद्धालु टेढ़ी बाजार के रास्ते अपने गंतव्य तक जा सकेंगे
मंदिर परिसर में लेन की संख्या 5 से बढ़ाकर 8 कर दी जाएगी, जिससे भीड़ का दबाव कम किया जा सके।
दर्शन व्यवस्था में बदलाव संभव
प्रशासन के अनुसार
- सामान्य दर्शन जारी रहेगा
- भीड़ अधिक होने पर विशिष्ट दर्शन अस्थायी रूप से रोका जा सकता है
- श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए दर्शन का समय भी बढ़ाया जा सकता है
फिलहाल नवरात्र के दौरान सुबह 6 बजे से रात 9:30 बजे तक दर्शन हो रहे हैं, जबकि दोपहर में कुछ समय के लिए मंदिर के पट बंद रहते हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन का कहना है कि हर श्रद्धालु को सुगम और सुरक्षित दर्शन कराने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।





