रांची समेत पूरे झारखंड में 30 हजार कर्मचारी हड़ताल पर, बैंकों में लटके ताले, बोले- मांगें नहीं मानीं तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल

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रांची, 11 सितंबर। झारखंड सहित देशभर में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी शुक्रवार को एकदिवसीय हड़ताल पर रहे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर आयोजित हड़ताल के कारण सार्वजनिक क्षेत्र और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। राजधानी रांची समेत राज्य के विभिन्न जिलों में बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहा, जबकि बैंककर्मी अपनी मांगों के समर्थन में सड़कों पर उतरे।

अरगोड़ा चौक पर बैंककर्मियों ने किया प्रदर्शन

रांची के अरगोड़ा चौक के समीप बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द लागू करने की मांग की।

प्रदर्शन कर रहे बैंककर्मियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने, PLI भुगतान में विसंगतियां दूर करने और 8 मार्च 2024 को हुए समझौते को लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई।

8 मार्च 2024 के समझौते को लागू करने की मांग

बैंक कर्मचारियों का कहना है कि केंद्र सरकार के साथ 8 मार्च 2024 को विभिन्न मांगों को लेकर समझौता हुआ था, लेकिन अब तक उसे पूरी तरह लागू नहीं किया गया है।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के वरीय उपाध्यक्ष एसके ठाकुर ने केंद्र सरकार के रुख पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बैंककर्मियों पर लगातार काम का दबाव बढ़ रहा है। उनके अनुसार, केंद्र सरकार के कार्यालयों और बीमा क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्यदिवस लागू है, जबकि बैंक कर्मचारियों को लंबे समय तक काम करना पड़ता है।

अत्यधिक कार्य दबाव का मुद्दा उठाया

एसके ठाकुर ने दावा किया कि बैंक कर्मचारियों पर अत्यधिक कार्य दबाव है और इससे कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने कार्य परिस्थितियों में सुधार और कर्मचारियों की मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।

40 मिनट अतिरिक्त काम करने का दिया था प्रस्ताव

UFBU के संयुक्त संयोजक मुनिन्द्र लाल सिंह ने कहा कि बैंक यूनियनों ने पांच दिवसीय बैंकिंग कारोबार लागू करने की मांग की थी। इसके बदले यूनियनों ने यह आश्वासन दिया था कि सोमवार से शुक्रवार तक बैंककर्मी प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम कर समय का समायोजन कर सकते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद केंद्र सरकार इस मुद्दे पर टालमटोल कर रही है और बैंक कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी की जा रही है।

सितंबर में चार दिन हड़ताल का दावा

बैंक यूनियनों के अनुसार, सितंबर में चार दिनों की अखिल भारतीय हड़ताल की घोषणा की गई है। UFBU नेताओं के अनुसार 11, 28, 29 और 30 सितंबर को हड़ताल का कार्यक्रम रखा गया है।

UFBU के महासचिव जे. पांडे और दिनेश कुमार शर्मा ने कहा कि शुक्रवार की हड़ताल के बावजूद यदि केंद्र सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो बैंक कर्मचारी आंदोलन को और तेज करेंगे।

उन्होंने दावा किया कि 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का कदम भी उठाया जा सकता है, जिससे देशभर में बैंकिंग कारोबार पूरी तरह प्रभावित होगा।

झारखंड में करीब 30 हजार बैंककर्मी हड़ताल पर

बैंक यूनियनों के अनुसार झारखंड में करीब 30 हजार बैंक कर्मचारी हैं, जो शुक्रवार की हड़ताल में शामिल हुए। हड़ताल के कारण राज्यभर में बैंकिंग सेवाओं पर व्यापक असर पड़ा।

झारखंड में राष्ट्रीयकृत, निजी, क्षेत्रीय ग्रामीण और सहकारी बैंकों की 3,200 से अधिक शाखाएं हैं। इनमें निजी बैंकों को छोड़कर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे।

बैंकिंग सेवाओं पर पड़ा असर

हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज प्रभावित रहा। कर्मचारी कार्यालयों में काम करने के बजाय विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन करते नजर आए। बैंक यूनियनों ने स्पष्ट किया कि मांगों पर ठोस पहल नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।

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