रांची, 04 अक्टूबर। रांची सदर अस्पताल में 46 वर्षीय भूषण सिंह के जटिल ब्रेन ट्यूमर की सफल सर्जरी की गई। करीब दो वर्षों से ब्रेन ट्यूमर की समस्या से जूझ रहे भूषण सिंह के लिए आर्थिक स्थिति के कारण महंगे इलाज का खर्च बड़ी चुनौती बना हुआ था। निजी अस्पताल में सर्जरी सहित इलाज पर आठ लाख रुपये से अधिक खर्च का अनुमान बताया गया था। ऐसे में उन्होंने सदर अस्पताल का रुख किया, जहां न्यूरोसर्जन डॉ. विकास कुमार के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
मस्तिष्क में था जटिल मेनिन्जियोमा ट्यूमर
चिकित्सकों के अनुसार, मरीज के मस्तिष्क में मेनिन्जियोमा था। इस प्रकार के ट्यूमर की सर्जरी को न्यूरोसर्जरी में बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण माना जाता है। ट्यूमर को निकालते समय मस्तिष्क के आसपास मौजूद महत्वपूर्ण नसों, रक्तवाहिनियों और सामान्य मस्तिष्क ऊतकों को सुरक्षित रखना चिकित्सकों के लिए बड़ी चुनौती होती है।
सर्जरी के दौरान रक्तस्राव का खतरा होने के साथ-साथ मस्तिष्क की महत्वपूर्ण न्यूरोलॉजिकल संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका भी रहती है। ऐसे में ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक सावधानी और विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।
विशेषज्ञ टीम ने स्वीकार की चुनौती
डॉ. विकास कुमार और उनकी टीम ने मरीज की स्थिति को देखते हुए इस जटिल मामले की सर्जरी करने का निर्णय लिया। ऑपरेशन के दौरान आधुनिक और सटीक सर्जिकल तकनीकों के साथ मरीज की लगातार निगरानी की गई। नियंत्रित एनेस्थीसिया और न्यूरोसर्जरी, एनेस्थीसिया तथा ऑपरेशन थिएटर टीम के बीच बेहतर समन्वय ने भी सर्जरी को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद चिकित्सकों ने ट्यूमर की सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति संतोषजनक बताई गई है। फिलहाल भूषण सिंह चिकित्सकीय निगरानी में हैं और धीरे-धीरे स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं।
आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए बड़ी राहत
सदर अस्पताल में जटिल ब्रेन सर्जरी की सफलता को सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अब तक रांची में जटिल न्यूरोसर्जिकल मामलों के इलाज के लिए मरीजों को मुख्य रूप से रिम्स और चुनिंदा निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था।
न्यूरोसर्जरी सेवा के विस्तार के बाद सदर अस्पताल में अब ब्रेन एवं स्पाइन ट्रॉमा, ब्रेन ट्यूमर, सर्वाइकल और लम्बर स्पाइन से जुड़ी बीमारियों के अलावा अन्य जटिल न्यूरोसर्जिकल मामलों की सर्जरी भी की जा रही है।
सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ उपचार की सुविधा
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, न्यूरोसर्जरी सेवा के विस्तार का उद्देश्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के भीतर ही विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराना है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह सुविधा काफी महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
महंगे निजी उपचार का खर्च वहन करने में असमर्थ मरीजों को अब सदर अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिल रही है।
उपाधीक्षक ने कहा- न्यूरोसर्जरी सेवा नए आयाम की ओर
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह ने कहा कि अस्पताल की न्यूरोसर्जरी सेवा लगातार नए आयाम की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जटिल ब्रेन और स्पाइन सर्जरी का सफलतापूर्वक किया जाना इस सेवा के विस्तार की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन का प्रयास है कि गंभीर मरीजों को विशेषज्ञ उपचार सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के भीतर ही उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें महंगे निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़े।
सिविल सर्जन ने बताया महत्वपूर्ण उपलब्धि
सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद ने कहा कि सदर अस्पताल में न्यूरोसर्जरी सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ब्रेन एवं स्पाइन ट्रॉमा के साथ ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियों की सर्जरी की सुविधा उपलब्ध होना मरीजों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की विशेषज्ञ सेवाओं के विस्तार से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
डॉक्टरों और ओटी टीम की रही अहम भूमिका
जटिल ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी को सफल बनाने में न्यूरोसर्जन डॉ. विकास कुमार और उनकी टीम के अलावा एनेस्थीसिया टीम के डॉ. नीरज और डॉ. ज्योतिका की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
ऑपरेशन थिएटर टीम के अमित, सुरेश, नीली, संजू, नंदिनी और कंचन सहित अन्य कर्मचारियों ने भी ऑपरेशन के दौरान आवश्यक सहयोग दिया। टीम के समन्वित प्रयास से चुनौतीपूर्ण सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी हो सकी।
सदर अस्पताल में बढ़ रही जटिल सर्जरी की क्षमता
ब्रेन ट्यूमर जैसी जटिल बीमारी की सफल सर्जरी से सदर अस्पताल में न्यूरोसर्जरी सेवाओं के विस्तार को मजबूती मिली है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि आने वाले समय में न्यूरोसर्जरी से जुड़ी विशेषज्ञ सेवाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा, ताकि गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए दूर या महंगे निजी अस्पतालों का रुख न करना पड़े।






