रांची में 2029 तक शुरू होगा अत्याधुनिक आईटी पार्क! पहले चरण में 20 हजार रोजगार का लक्ष्य, तीन साल में 75 हजार तक बढ़ेगी क्षमता

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रांची, 28 सितंबर। कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में सोमवार को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आरएमजे इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रेसिडेंट दीपक छाबड़िया ने मुलाकात की। इस दौरान झारखंड में अत्याधुनिक आईटी पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) स्थापित करने और तकनीकी एवं औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग, न्यूक्लियर एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विचार किया गया।

2029 तक आईटी पार्क शुरू करने की तैयारी

प्रस्तावित योजना के तहत वर्ष 2029 तक रांची में आईटी पार्क शुरू करने की दिशा में काम किया जाएगा। पहले चरण में करीब 20 हजार रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।

अगले तीन वर्षों में इसकी क्षमता बढ़ाकर करीब 75 हजार रोजगार अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे झारखंड के स्थानीय और प्रतिभाशाली युवाओं को तकनीकी और उच्च-कौशल आधारित रोजगार के नए अवसर मिलने की संभावना है।

आईआईएम रांची के पास 100 एकड़ भूमि पर विचार

प्रस्तावित आईटी पार्क के लिए आईआईएम रांची, नए विधानसभा परिसर और उच्च न्यायालय परिसर के निकट उपलब्ध करीब 100 एकड़ भूमि को संभावित स्थल के रूप में विकसित करने पर विचार किया जा रहा है।

पार्क में आधुनिक कार्यालय, डिजिटल अधोसंरचना और वैश्विक स्तर की तकनीकी कंपनियों एवं संस्थानों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की परिकल्पना है।

रांची को आईटी और इनोवेशन हब बनाने की योजना

आईटी पार्क का उद्देश्य रांची को आईटी, इनोवेशन और हाई स्किल्ड एम्प्लॉयमेंट के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। सरकार की योजना राज्य में उपलब्ध प्रतिभाशाली मानव संसाधन को आधुनिक तकनीक और नई औद्योगिक संभावनाओं से जोड़ने की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड को भविष्य की तकनीकों और नई औद्योगिक संभावनाओं से जोड़ते हुए मजबूत एवं आधुनिक आईटी और तकनीकी इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में सरकार काम कर रही है।

जीसीसी के जरिए वैश्विक कंपनियों को सेवाएं

बैठक में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) की स्थापना की संभावनाओं पर भी विशेष चर्चा हुई। जीसीसी के माध्यम से वैश्विक कंपनियों के लिए आईटी और एआई सेवाएं, डिजिटल तकनीक, सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग, न्यूक्लियर एनर्जी सहित अन्य उच्च-कौशल वाले कार्य झारखंड से संचालित किए जा सकते हैं।

इससे राज्य में निजी निवेश, तकनीकी रोजगार और उच्च-कौशल वाली नौकरियों के अवसरों के विस्तार को गति मिलने की संभावना है।

स्थानीय युवाओं के लिए हाई-स्किल रोजगार पर जोर

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि निवेश आकर्षित करने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और उच्च-कौशल आधारित अवसरों का सृजन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि रांची को आईटी, इनोवेशन और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

अक्टूबर में बेंगलुरु जाएगा सरकारी प्रतिनिधिमंडल

मुख्यमंत्री के निर्देश पर संभावित रूप से अक्टूबर में सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग का प्रतिनिधिमंडल बेंगलुरु का दौरा करेगा। प्रतिनिधिमंडल वहां विकसित आईटी पार्क, तकनीकी इकोसिस्टम और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर मॉडल का अध्ययन करेगा।

प्रतिनिधिमंडल आईटी अधोसंरचना, निवेश व्यवस्था और उद्योगों को उपलब्ध सुविधाओं का भी अवलोकन करेगा। इस अध्ययन के आधार पर झारखंड में आईटी पार्क और संबंधित तकनीकी इकोसिस्टम के विकास के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने में मदद मिलेगी।

आरएमजे इंफ्रास्ट्रक्चर ने जताई निवेश में रुचि

बैठक में आरएमजे इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर से झारखंड में अत्याधुनिक आईटी पार्क, डिजिटल अधोसंरचना और भविष्य की तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में रुचि व्यक्त की गई।

इस दौरान राज्य में तकनीकी एवं औद्योगिक निवेश के उपलब्ध अवसरों तथा संभावित सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की सचिव पूजा सिंघल और झारखंड स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर (जेएसएसी) की निदेशक माधवी मिश्रा उपस्थित रहीं।

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