मुख्यमंत्री सोरेन का विदेश दौरा बना सियासी मुद्दा, बाबूलाल मरांडी ने कहा- गणतंत्र दिवस पर तिरंगा न फहराना लोकतंत्र का अपमान

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रांची। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर गणतंत्र दिवस को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि 26 जनवरी 2026 को उपराजधानी दुमका में मुख्यमंत्री द्वारा तिरंगा नहीं फहराया जाएगा, क्योंकि वे विदेश दौरे पर हैं। मरांडी ने इसे राष्ट्रीय पर्व, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान बताते हुए राज्य सरकार से मुख्यमंत्री के विदेश प्रवास पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण की मांग की है।

मरांडी रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय, रांची में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री लंदन में सैर-सपाटे और खरीदारी में व्यस्त हैं, जबकि राज्य में राष्ट्रीय पर्व मनाया जाना है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर तिरंगा नहीं फहराना, देश की स्वतंत्रता, गणतंत्र और राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रति उनके दृष्टिकोण को उजागर करता है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान का अपमान करार दिया। मरांडी ने तंज कसते हुए कहा कि यही वे लोग हैं जो सदन, सड़क और चौक-चौराहों पर संविधान की पुस्तक हाथ में लेकर घूमते हैं, लेकिन राष्ट्रीय पर्व की मर्यादा भूल जाते हैं।

मरांडी ने कहा कि दावोस यात्रा का कार्यक्रम 23 जनवरी को ही समाप्त हो चुका था। अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री और अधिकारी भारत लौट आए, लेकिन झारखंड के मुख्यमंत्री और उनके साथ गए वरिष्ठ पदाधिकारी अपनी पत्नियों के साथ लंदन में ही रुके हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री लंदन की सड़कों पर झारखंड के बालू, पत्थर और कोयला से हुई लूट की कमाई खर्च कर रहे हैं, जो राज्य के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है।

बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार से मांग की कि वह सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करे कि मुख्यमंत्री आखिर किस उद्देश्य से विदेश में रुके हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि गणतंत्र दिवस से अधिक महत्वपूर्ण कौन-सा कार्य है? वहां किन लोगों से मुलाकात हो रही है और किस मद में खर्च किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि राज्य की जनता इन सवालों के जवाब चाहती है।

मरांडी ने उद्योग स्थापना के नाम पर दावोस दौरे पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि टाटा समूह और नवीन जिंदल के साथ किए गए एमओयू रांची में भी हो सकते थे। उन्होंने दावा किया कि टाटा का प्रोजेक्ट पहले से ही ऑन-गोइंग है और यह भी जानकारी मिली है कि टाटा से जुड़े एक पांच वर्षों से लंबित कार्य की स्वीकृति दिलाने के लिए मुख्यमंत्री ने दावोस में एमओयू करने का दबाव बनाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जनता को पूरी तरह मूर्ख समझ रहे हैं और अखबारों में बड़े-बड़े विज्ञापन देकर जनता की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास कर रहे हैं।

मरांडी ने कहा कि जिस तरह अंग्रेजों ने लंदन से भारत को लूटा था, उसी तरह आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लंदन की सड़कों पर झारखंड की संपदा से जुड़े पैसों को खर्च कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह झारखंड की गरीब जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा है और मुख्यमंत्री को इसके पाई-पाई का हिसाब राज्य की जनता को देना होगा। प्रेसवार्ता में भाजपा के मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, अशोक बड़ाइक तथा प्रवक्ता राफिया नाज भी उपस्थित थे।

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