मिडिल ईस्ट संकट गहराया: 22 देशों की ईरान से युद्ध रोकने और होर्मुज स्ट्रेट खोलने की अपील

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नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब वैश्विक चिंता का विषय बनता जा रहा है। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अस्थिरता पैदा कर दी है। इसी बीच दुनिया के 22 देशों ने संयुक्त रूप से ईरान से हमले रोकने और रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को खोलने की अपील की है।

22 देशों की संयुक्त अपील

संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया सहित 22 देशों ने ईरान की सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। इन देशों का कहना है कि मौजूदा स्थिति वैश्विक शांति और आर्थिक स्थिरता के लिए गंभीर खतरा है।

कमजोर तबकों पर सबसे ज्यादा असर

संयुक्त बयान में चेतावनी दी गई है कि अगर यह संघर्ष जारी रहता है, तो इसका सबसे ज्यादा असर दुनिया के गरीब और कमजोर वर्गों पर पड़ेगा। खासतौर पर ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार बाधित होने से महंगाई और संकट बढ़ सकता है।

डिएगो गार्सिया पर हमला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया द्वीप पर स्थित ब्रिटिश-अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमला किया। यह द्वीप ईरान से करीब 4000 किलोमीटर दूर है, जिससे इस हमले की रणनीतिक गंभीरता और बढ़ जाती है।

ट्रंप और पश्चिमी देशों की चिंता बढ़ी

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित पश्चिमी देशों में इस हमले को लेकर चिंता बढ़ गई है। ब्रिटेन ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे उकसाने वाला कदम बताया है।

इजराइल की कड़ी चेतावनी

इस बीच इजराइल ने भी ईरान को चेतावनी दी है। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि आने वाले दिनों में ईरान के खिलाफ सैन्य हमले और तेज किए जाएंगे।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता यह संघर्ष अब वैश्विक संकट का रूप लेता दिख रहा है। यदि जल्द कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर पड़ सकता है।

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