नई दिल्ली, 04 सितंबर । भारत और जापान की क्रिकेट टीमों के बीच 22 सितंबर को जापान के तोचिगी प्रांत स्थित सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में ऐतिहासिक टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला जाएगा। इस मुकाबले के साथ भारत-जापान राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के समारोहों की शुरुआत होगी। मुकाबले को ‘सुजुकी कप’ नाम दिया गया है।
नए क्रिकेट क्षेत्र में कदम रखेगा भारत
बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय और जापानी पुरुष टीमों के बीच जापान में होने वाले इस विशेष मुकाबले का हिस्सा बनकर बीसीसीआई बेहद खुश है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम का जापान में खेलना क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण क्षण है और इससे जापान के साथ-साथ पूर्वी एशिया में इस खेल को बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
75 साल की दोस्ती में क्रिकेट की भी भागीदारी
सैकिया ने कहा कि भारत और जापान के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध और मित्रता रही है। दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित समारोहों में क्रिकेट को भी शामिल किया जाना खुशी की बात है। उन्होंने इस मुकाबले को संभव बनाने के लिए जापान क्रिकेट संघ के प्रयासों की सराहना की।
पारंपरिक क्षेत्रों से बाहर क्रिकेट के विस्तार पर जोर
बीसीसीआई सचिव ने कहा कि क्रिकेट का विकास उसके पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट बोर्ड के रूप में बीसीसीआई इस खेल के वैश्विक विस्तार में योगदान देने की अपनी जिम्मेदारी समझता है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में जापान में क्रिकेट को मजबूत करने और दोनों क्रिकेट बोर्ड के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए बीसीसीआई जापान क्रिकेट संघ के साथ मिलकर काम करेगा।
जापान क्रिकेट संघ ने बताया ऐतिहासिक अवसर
जापान क्रिकेट संघ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नाओकी मियाजी ने कहा कि विश्व चैंपियन टीम को जापान में क्रिकेट के घर कहे जाने वाले मैदान पर आमंत्रित कर पाना संघ के लिए ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने इस आयोजन को साकार करने में सहयोग के लिए बीसीसीआई का धन्यवाद किया और भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के उत्साह का स्वागत करने की बात कही।
स्थानीय प्रशंसकों से टीम का हौसला बढ़ाने की अपील
मियाजी ने जापान के स्थानीय लोगों से भी मुकाबले में पहुंचकर क्रिकेट के प्रति अपनी रुचि दिखाने और जापानी टीम का उत्साह बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह मुकाबला दोनों देशों के लिए वास्तव में एक यादगार अवसर होगा।






