पटना, 30 सितंबर । बिहार में एक बार फिर बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद गंडक समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से राज्य के कई जिलों में बाढ़ का पानी फैल गया है। स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण के दौरान प्रभावित इलाकों में स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के साथ प्रशासन को विशेष रूप से सतर्क रहने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने चंपारण में बाढ़ की स्थिति का लिया जायजा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चंपारण क्षेत्र में बढ़े जलस्तर का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी की स्थिति, तटबंधों और लोगों की मुश्किलों का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत, बचाव और प्रभावित लोगों के लिए जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह सतर्क और तत्पर रहने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सहायता के लिए हर जरूरी कदम उठाना चाहिए।
“चंपारण में बढ़े हुए जलस्तर का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव एवं आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन को सतर्क एवं तत्पर रहने के निर्देश दिए।
गंडक के उफान से कई इलाकों में बढ़ी मुश्किल
नेपाल में हुई भारी बारिश का असर बिहार में साफ दिखाई दे रहा है। गंडक नदी के जलस्तर में तेज वृद्धि के कारण पश्चिम चंपारण समेत कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
गंडक के बढ़े जलस्तर से नदी से जुड़ी अन्य नदियों का जलस्तर भी बढ़ा है। इसके कारण निचले इलाकों में पानी फैलने से बड़ी आबादी प्रभावित हुई है।
गंडक का जलस्तर पुराने रिकॉर्ड से ऊपर
गंडक नदी के जलस्तर में इस बार असामान्य वृद्धि दर्ज की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 2024 में गंडक का अधिकतम जलस्तर 90.90 मीटर दर्ज किया गया था, जबकि इस बार जलस्तर बढ़कर 91.25 मीटर तक पहुंच गया।
जलस्तर में इस वृद्धि के कारण नदी के आसपास के बड़े हिस्से में बाढ़ का पानी फैल गया है। कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
चंपारण तटबंध को कई जगह नुकसान
बढ़े जलस्तर के दबाव के बीच चंपारण तटबंध को भी कई स्थानों पर नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी एक दिन पहले तटबंध के दो स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी थी।
उन्होंने बताया था कि जल संसाधन विभाग के सचिव और अभियंता लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
वाल्मीकिनगर बैराज से छोड़े गए पानी का असर
बाढ़ की स्थिति में वाल्मीकिनगर बैराज से छोड़े गए पानी की भी अहम भूमिका है। 28 सितंबर को बैराज से करीब 5.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई।
हालांकि अब बैराज से पानी का डिस्चार्ज कम हुआ है, लेकिन पहले छोड़े गए पानी का असर अभी भी कई इलाकों में दिखाई दे रहा है। जलस्तर बढ़ने और पानी फैलने के कारण तटबंधों पर दबाव बना हुआ है।
बगहा और बैरिया में सबसे ज्यादा परेशानी
गंडक के बढ़े जलस्तर का असर बगहा और बैरिया क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है। इन इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने से बड़ी आबादी प्रभावित हुई है।
निचले इलाकों में पानी पहुंचने के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और दैनिक जरूरतों के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पटना में भी गंगा खतरे के निशान के ऊपर
गंडक के अलावा पटना में गंगा नदी भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने से गंगा के किनारे बसे इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच तटबंधों पर भी दबाव बना हुआ है। प्रशासन को संभावित स्थिति को देखते हुए निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
बगहा, बेतिया, मोतिहारी और गोपालगंज में विशेष टीमें
जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने स्थिति की निगरानी और त्वरित कार्रवाई के लिए बगहा, बेतिया, मोतिहारी और गोपालगंज में मुख्यालय से चार विशेष टीमें भेजी हैं।
इन टीमों को संबंधित क्षेत्रों में तटबंधों और जलस्तर की स्थिति पर नजर रखने तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी गई है।
NDRF और SDRF की टीमें तैनात
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए NDRF और SDRF की कई टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की तैयारी भी की गई है।
मुख्यमंत्री ने दिए राहत-बचाव में तेजी के निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हवाई सर्वेक्षण के बाद अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने और तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की है।
फिलहाल गंडक और उससे जुड़ी नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की लगातार नजर है। बैराज से पानी का डिस्चार्ज घटने के बावजूद पहले छोड़े गए पानी का असर कई इलाकों में बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं।






