बिहार में IAS अधिकारियों की संपत्ति का खुलासा: कई मामलों में पत्नियां निकलीं ज्यादा संपन्न

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पटना: बिहार के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों की संपत्ति के ताजा खुलासे ने एक दिलचस्प और चौंकाने वाली तस्वीर पेश की है। फरवरी 2026 में अपडेट किए गए आंकड़ों के अनुसार, कई IAS अधिकारियों की तुलना में उनकी पत्नियां अधिक आर्थिक रूप से मजबूत और संपन्न पाई गई हैं।

आंकड़ों से पता चलता है कि नकदी, बैंक बैलेंस, निवेश और कीमती धातुओं के मामले में अधिकारियों और उनकी पत्नियों के बीच स्पष्ट अंतर मौजूद है।

राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की घोषित संपत्ति अपेक्षाकृत सीमित है। उनके पास 15,400 रुपये नकद और करीब 5.5 लाख रुपये बैंक खातों में जमा हैं। इसके अलावा उन्होंने लगभग 3.15 लाख रुपये म्यूचुअल फंड में निवेश किया है। अचल संपत्ति के रूप में उनके पास मुजफ्फरपुर में साझा जमीन और गुरुग्राम में एक प्लॉट है। उन पर करीब 42 लाख रुपये का बैंक लोन भी है।

इसके विपरीत उनकी पत्नी की वित्तीय स्थिति कहीं अधिक मजबूत है। उनके बैंक खातों में लगभग 51 लाख रुपये जमा हैं। इसके साथ ही पीएफ में 22 लाख रुपये और पीपीएफ में करीब 3.15 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज है। उनके पास लगभग 970 ग्राम सोना और 3 किलोग्राम चांदी भी है।

इसी तरह राज्यपाल के प्रधान सचिव आरएल चोंगथू के मामले में भी यही रुझान देखने को मिला। जहां उनके बैंक खाते में करीब 3 लाख रुपये हैं, वहीं उनकी पत्नी के खातों में लगभग 8 लाख रुपये जमा हैं और पीपीएफ में करीब 1.27 करोड़ रुपये का निवेश है।

मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम की घोषित संपत्ति भी सीमित पाई गई है। उनके पास मात्र 5,000 रुपये नकद हैं और विभिन्न खातों व निवेश योजनाओं को मिलाकर कुल लगभग 37 लाख रुपये की राशि है। दूसरी ओर, उनकी पत्नी के पास 25,000 रुपये नकद और करीब 36 लाख रुपये की जमा राशि है।

यह आंकड़े संकेत देते हैं कि कई शीर्ष अधिकारियों के परिवारों में महिलाओं की वित्तीय भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रवृत्ति न केवल पारिवारिक निवेश रणनीतियों में बदलाव को दर्शाती है, बल्कि महिलाओं की बढ़ती आर्थिक स्वतंत्रता और सशक्तिकरण का भी संकेत है।

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