अररिया, 10 अक्टूबर। बिहार के अररिया जिले के सिमराहा थाना क्षेत्र के कुड़वा लक्ष्मीपुर वार्ड संख्या-09 में एक नवविवाहिता की हत्या कर शव को नहर किनारे जमीन में दफनाने का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान राजमणि कुमारी के रूप में हुई है। उसके भाई ने अपने बहनोई सहित ससुराल पक्ष के अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए थाने में आवेदन दिया है। पुलिस और एफएसएल की टीम घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है।
डेढ़ साल पहले हुआ था प्रेम विवाह
मिली जानकारी के अनुसार, मृतका राजमणि कुमारी फुलकाहा थाना क्षेत्र के तीन माइल भंगही निवासी रामचन्द्र ऋषिदेव की पुत्री थी। करीब डेढ़ वर्ष पहले उसका प्रेम विवाह सिमराहा थाना क्षेत्र के कुड़वा लक्ष्मीपुर वार्ड संख्या-09 निवासी शंकर ऋषिदेव, पिता उपेन्द्र ऋषिदेव के साथ हुआ था।
मृतका के भाई बिपिन ऋषिदेव ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि उनकी बहन की करीब तीन दिन पहले हत्या कर शव को जमीन में दफना दिया गया। उन्होंने अपने बहनोई और उसके परिवार के अन्य सदस्यों पर इस घटना में शामिल होने का आरोप लगाया है।
दहेज के लिए प्रताड़ित करने का भी आरोप
मृतका के परिजनों का आरोप है कि राजमणि पर दहेज को लेकर लगातार दबाव बनाया जाता था। परिजनों ने आशंका जताई है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने के कारण उसकी हत्या की गई। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
बताया गया है कि मृतका के माता-पिता बाहर रहकर मजदूरी करते हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद वे अपने घर लौट रहे हैं।
पुलिस और एफएसएल टीम ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद सिमराहा थाने की पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस घटनास्थल की जांच कर रही है और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
मौके पर प्रभारी थानाध्यक्ष सहित एसआई संतोष कुमार, कमलाकांत शर्मा, मनोज कुमार, सुरेश राम, राजकुमार, शर्मिला कुमारी, शिवकुमार पासवान और अजय कुमार समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
फारबिसगंज डीएसपी ने भी लिया घटनास्थल का जायजा
घटना की सूचना मिलने पर फारबिसगंज के डीएसपी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जानकारी लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस मृतका के परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की पड़ताल कर रही है।
घटनास्थल पर भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष दिलीप पटेल, पूर्व मुखिया अरविन्द विश्वास, राजेश ऋषिदेव, पवन मंडल, सुशील मंडल और भीम मंडल सहित पंचायत प्रतिनिधि तथा समाजसेवी भी मौजूद थे।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। हत्या के कारणों और इसमें कथित रूप से शामिल लोगों की भूमिका को लेकर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






