रायपुर, 1 सितंबर। छत्तीसगढ़ के भिलाई में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक के.के. चंद्रवंशी (चंद्राकर) के भिलाई-3 स्थित विश्व बैंक कॉलोनी के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार सुबह छापेमारी की। केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ पहुंची ईडी की टीम आवास पर दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच कर रही है।
सुबह छह बजे पहुंची ईडी की टीम
जानकारी के अनुसार, ईडी के करीब आठ अधिकारियों की टीम दो-तीन वाहनों में सवार होकर सुबह करीब छह बजे के.के. चंद्रवंशी के आवास पर पहुंची। सुरक्षा के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान भी टीम के साथ मौजूद रहे। अधिकारियों ने घर में दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच शुरू की।
सात ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई राज्य में कथित छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में की जा रही है। ईडी की रायपुर जोनल टीम ने के.के. चंद्रवंशी के अलावा राज्य में कुल सात अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है।
जांच के दौरान अधिकारियों द्वारा जरूरी फाइलों, दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
2023 में भी बघेल के करीबियों के परिसरों पर हुई थी कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में ईडी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा और उनके दो ओएसडी के परिसरों पर तलाशी ली थी। उस समय यह कार्रवाई ऑनलाइन सट्टेबाजी और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच के संदर्भ में बताई गई थी।

2025 में बघेल के आवास पर भी पड़ा था छापा
वर्ष 2025 में शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में ईडी ने भिलाई स्थित भूपेश बघेल के आवास पर भी तलाशी ली थी। 18 जुलाई 2025 को हुई इस कार्रवाई के बाद उनके बेटे चैतन्य बघेल को ईडी ने गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने यह कार्रवाई कथित 2,100 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की थी।






