हजारीबाग। पूर्व मंत्री योगेन्द्र साव और पूर्व विधायक निर्मला देवी की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। दोनों की गिरफ्तारी गुरुवार की दोपहर लगभग तीन बजे हुई।
धरना स्थल से ही हुई कार्रवाई
मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व मंत्री पर बड़कागांव, केरेडारी, पगार ओपी सहित कई थानों में मामले दर्ज थे। पूर्व मंत्री 31 दिसंबर 2025 से एनटीपीसी के चट्टी बरियातू कोल माइंस में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। पुलिस ने धरना स्थल से ही उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी से पहले, पूर्व मंत्री अपनी बेटी और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के साथ दिल्ली गए थे, जहां उन्होंने कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से मुलाकात की थी। दिल्ली से लौटकर वे गुरुवार काे चट्टी बरियातू स्थित धरना स्थल पर पहुंचे थे, जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि बड़कागांव, केरेडारी और पगार ओपी समेत कई थानों में उनके खिलाफ पहले से मामले दर्ज हैं। इन्हीं मामलों के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
कई थानों में दर्ज हैं मामले
सूत्रों के अनुसार, पूर्व मंत्री पर अलग-अलग मामलों में प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस का कहना है कि लंबे समय से दर्ज मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही थी। गुरुवार को मौका मिलते ही गिरफ्तारी की गई। निर्मला देवी को भी इसी क्रम में हिरासत में लिया गया। दोनों को थाने ले जाकर कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रशासन ने राजनीतिक परिस्थितियों पर नजर रखी है।गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई और विरोधियों तथा समर्थकों में चर्चा का दौर शुरू हो गया।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दोनों नेता अदाणी और एनटीपीसी के कोल प्रोजेक्ट के विरोध में लगातार धरनों और प्रदर्शन में शामिल थे। प्रशासन ने बताया कि धरना स्थल पर उपस्थित लोगों को शांत रहने और कानून का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।इस गिरफ्तारी के राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।





