पीएम मोदी ने गांधीनगर में जैन विरासत को समर्पित सम्राट संप्रति संग्रहालय का किया लोकार्पण

Share

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गांधीनगर में सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया। सम्राट अशोक के पोते और जैन परंपरा में अहिंसा के प्रति समर्पण और जैन धर्म के प्रचार के लिए जाने जाने वाले सम्राट सम्प्रति के नाम पर स्थापित यह संग्रहालय जैन धर्म की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को प्रदर्शित करता है। महावीर जैन आराधना केंद्र परिसर में स्थित इस संग्रहालय में सात अलग-अलग भाग हैं। संग्रहालय में सदियों पुराने दुर्लभ अवशेष, जैन कलाकृतियां और पारंपरिक विरासत संग्रह संरक्षित और प्रदर्शित किए गए हैं।

संग्रहालय में 2000 से ज्यादा कलाकृतियां
इस संग्रहालय में 2000 से ज्यादा कलाकृतियां और पत्थर धातु की मूर्तियां हैं। संग्रहालय में जैन धर्म से जुड़ीं पांडुलिपियां और छोटे सिक्के सहेजकर रखे गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सभी दुर्लभ चीजों को ध्यान पूर्वक देखा और इनके बारे में जानकारी प्राप्त की। इस संग्रहालय को बनाने में तकनीक और ऑडियो-वीडियो टूल का भी इस्तेमाल किया गया है। संग्रहालय की दीवारों पर सुंदर धार्मिक चित्र और चिन्ह भी उकेरे गए हैं।

साणंद में सेमीकंडक्टर संयंत्र का करेंगे उद्घाटन
प्रधानमंत्री अपने एक दिन के गुजरात दौरे पर हैं। वह साणंद में एक सेमीकंडक्टर संयंत्र का उद्घाटन करेंगे और 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे, उद्घाटन करेंगे एवं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में कहा कि दोपहर 12.34 बजे, मोदी अहमदाबाद के साणंद स्थित केन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन करेंगे, जो इस संयंत्र में वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत का प्रतीक होगा और यह भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा।

विकास की कई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे प्रधानमंत्री
बयान में कहा गया है कि इसके बाद, प्रधानमंत्री वाव-थराड जाएंगे, जहां शाम लगभग 4 बजे प्रधानमंत्री मोदी 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, उनका उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस अवसर पर वे एक सभा को संबोधित भी करेंगे। बयान में कहा गया है कि साणंद में सेमीकंडक्टर संयंत्र के उद्घाटन के साथ ही, संयंत्र में उन्नत इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल (आईपीएम) का वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो जाएगा। ये मॉड्यूल ऑटोमोटिव और औद्योगिक एक्लीकेशन के लिए महत्वपूर्ण घटक हैं।

उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 63.3 लाख यूनिट होगी
बयान में कहा गया है कि प्रत्येक मॉड्यूल में 17 चिप शामिल हैं और इनकी आपूर्ति कैलिफोर्निया स्थित अल्फा एंड ओमेगा सेमीकंडक्टर (एओएस) को की जाएगी। बयान में कहा गया है कि संयंत्र के सभी चरण पूरे होने पर, इसकी उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 63.3 लाख यूनिट होगी। बयान में कहा गया है कि इस संयंत्र का उद्घाटन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कदम है। बयान में कहा गया है कि माइक्रोन टेक्नोलॉजी के बाद, यह कार्यक्रम के तहत स्वीकृत परियोजनाओं में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने वाला दूसरा सेमीकंडक्टर संयंत्र होगा।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031