कोलकाता। विश्व प्रसिद्ध गंगा सागर मेला शुरू होने से पहले आज कपालमुनि मंदिर के पास नंबर-दो सड़क के किनारे बनाए गए कई अस्थायी शिविरों में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते होगला से बनी झोपड़ियां दहक उठीं और कुछ ही देर में एक के बाद एक शिविर पूरी तरह जलकर खाक हो गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मेला क्षेत्र में विभिन्न सरकारी विभाग अस्थाई शिविरों का निर्माण करा रहे हैं। इनमें सरकारी अधिकारियों, सूचना एवं संस्कृति विभाग के कर्मियों और पत्रकारों के ठहरने की व्यवस्था की जानी थी। इनमें अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस घटना में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है। इसके कारणों की जांच दमकल विभाग ने शुरू कर दी है।
मेला प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। मेले की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने पहचान उजागर न करने का आग्रह करते हुए बताया कि आग लगने के कारणों की जांच के लिए एक समिति गठित की जा रही है। गंगासागर मेले में पुण्यार्थियों का आने का सिलसिला रविवार को शुरू हो जाएगा। हफ्ते भर में करीब 40 से 50 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है।

भाजपा ने लगाया लापरवाही का आरोप
भाजपा ने इसे सरकार की लापरवाही करार देते हुए कड़ी आलोचना की। प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने कहा, ‘टीएमसी सरकार की उदासीनता से भक्तों की जान जोखिम में है।’ उन्होंने उच्च स्तरीय जांच और प्रभावितों को मुआवजे की मांग की। मेले में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। यह घटना बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा की पोल खोलती है। श्रद्धालु निर्भय होकर स्नान करें, इसके लिए ठोस कदम उठाने होंगे।





