पटना में बिना रेरा पंजीकरण वाले 29 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स जांच के घेरे में, खरीदार रहें सतर्क

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पटना में फ्लैट या प्लॉट खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए अहम खबर है। बिहार भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने राजधानी में रेरा नियमों के संभावित उल्लंघन वाले रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए प्राधिकरण ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए सैटेलाइट इमेजरी आधारित निरीक्षण अभियान चलाया है।

जांच के दौरान पटना जिले में 29 ऐसे बिल्डरों और आवासीय परियोजनाओं की पहचान की गई है, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं। इन परियोजनाओं पर रेरा अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन का संदेह जताया गया है। अब जिला प्रशासन और स्थानीय निकायों के सहयोग से इन मामलों की विस्तृत जांच की जाएगी।

रेरा का उद्देश्य घर खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। प्राधिकरण ने लोगों को आगाह किया है कि बिना रेरा पंजीकरण वाले प्रोजेक्ट्स में निवेश करने से आर्थिक और कानूनी जोखिम बढ़ सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी फ्लैट या प्लॉट की बुकिंग से पहले संबंधित परियोजना का रेरा पंजीकरण नंबर अवश्य जांच लेना चाहिए। इससे परियोजना की वैधता, स्वीकृतियों और कानूनी स्थिति की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

रेरा की इस कार्रवाई को राजधानी में अवैध निर्माण और अनियमित रियल एस्टेट गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संभावना है कि आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ेगा। ऐसे में घर खरीदारों को सतर्कता बरतते हुए पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही निवेश का निर्णय लेना चाहिए।

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