नीतीश मंत्रिमंडल की बैठक में 43 प्रस्तावों पर लगी मुहर, रोजगार- निवेश पर बढ़ा फोकस और मुंबई में बिहार भवन का निर्माण

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पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को संपन्न बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 43 एजेंडों पर स्वीकृति प्रदान की गई।

मंत्रिमंडल ने कृषि विभाग में 694 विभिन्न पदों पर बहाली को मंजूरी दी है। वहीं डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग में 200 पदों पर बहाली की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा 314 करोड़ रुपये की लागत से मुंबई में बिहार भवन के निर्माण को भी हरी झंडी दी गई है। शिक्षा विभाग के उच्च शिक्षा निदेशालय में नौ नए पदों के सृजन की भी स्वीकृति दी गई।

बैठक में झारखंड के साथ सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर सहमति दी गई। तय समझौते के अनुसार 7.75 मिलियन एकड़ फीट जल में से 5.75 मिलियन एकड़ फीट बिहार और 2 मिलियन एकड़ फीट झारखंड को मिलेगा।

मंत्रिमंडल ने दरभंगा हवाई अड्डा के समीप लॉजिस्टिक पार्क एवं कार्गो हब के निर्माण के लिए 50 एकड़ भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दी है। इसके लिए 138 करोड़ 82 लाख 88 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा बिहार अधिवक्ता कल्याण न्यास समिति को सहायता के रूप में एकमुश्त 30 करोड़ रुपये देने की स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं मुख्य न्यायाधीश के साथ संबद्ध किए जाने वाले चार विधि सहायकों के पद सृजित करने की भी मंजूरी दी गई।

भागलपुर राजकीय पॉलिटेक्निक टैक्सटाइल टेक्नोलॉजी संस्थान में एआईसीटीई, नई दिल्ली द्वारा स्वीकृत डिप्लोमा स्तर के चार नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इनमें कंप्यूटर एडेड कॉस्ट्यूम डिजाइन एंड ड्रेस मेकिंग (60 सीट), फैशन एंड क्लॉथिंग टेक्नोलॉजी (60 सीट), गारमेंट टेक्नोलॉजी (60 सीट) और टैक्सटाइल टेक्नोलॉजी (60 सीट) शामिल हैं। साथ ही विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में 106 नए पदों के सृजन की भी स्वीकृति दी गई।

राज्य के 13 कारागारों में नए सिरे से 9,073 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने को भी मंजूरी दी गई है। इस योजना पर 155 करोड़ 38 लाख 36 हजार 153 रुपये की राशि खर्च होगी।

मंत्रिमंडल ने जमुई के तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी जटाशंकर पांडे को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी। वहीं पीएम श्री योजना के तहत बिहार के 779 माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए वित्तीय वर्ष 2025–26 में 14 अरब 85 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया कि बिहार विधानमंडल के वरिष्ठ सदस्य, जो मंत्रिपरिषद के सदस्य नहीं हैं, उन्हें विधानमंडल पूल में निर्वाचन क्षेत्रवार कर्णांकित आवास के अतिरिक्त केंद्रीय पूल के 15 आवास किराये पर अतिरिक्त आवास के रूप में आवंटित किए जाएंगे।

कैबिनेट ने कई विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रशासनिक सुधार और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है। सरकार का लक्ष्य है कि विकास कार्यों में तेजी लाकर बिहार को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाया जाए। साथ ही मुबंई में बिहार भवन बनाने की भी बात की गई है।

बैठक के बाद यह साफ संकेत मिला है कि नीतीश सरकार नए साल में आक्रामक विकास एजेंडे के साथ आगे बढ़ने की तैयारी में है। रोजगार, निवेश और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में लिए गए ये फैसले आने वाले समय में राज्य की दिशा और दशा दोनों को प्रभावित कर सकते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन निर्णयों का असर न सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर बल्कि आने वाले चुनावी समीकरणों पर भी दिखेगा।

220 केवी डीसी संचरण लाइन के निर्माण को मंजूरी
इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने बिहार स्टेट पावर ट्रान्समिशन कंपनी लिमिटेड के क्षेत्राधीन इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी), गयाजी परियोजना के लिए निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 220 केवी डीसी संचरण लाइन के निर्माण को मंजूरी दी। यह लाइन 400/220/132 केवी चंदौती (पीएमटीएल) ग्रिड-उपकेंद्र से आईएमसी, गयाजी तक बनेगी। इसके लिए 33.29 करोड़ रुपये की नई योजना को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा संवाहक अनुज्ञप्ति (कंडक्टर लाइसेंस) के निर्गमन के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को दसवीं पास के स्थान पर आठवीं पास निर्धारित करने हेतु बिहार मोटरगाड़ी नियमावली, 1992 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई।

मुंबई में बिहार भवन का निर्माण

मंत्रिपरिषद ने बिहार भवन, मुंबई के निर्माण कार्य के लिए 314.20 करोड़ रुपये (तीन सौ चौदह करोड़ बीस लाख उनसठ हजार रुपये) की प्रशासनिक स्वीकृति भी प्रदान की। इन फैसलों को राज्य के विकास, प्रशासनिक सुगमता और जनहित की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जन शिक्षा निदेशालय के स्तर से संचालित योजनाओं के बेहतर प्रबंधन एवं समयबद्ध कार्य निष्पादन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पूर्व से सृजित पदों में से कुल आठ मरणशील पदों को समर्पित (सरेंडर) करने तथा पदनाम में आवश्यक संशोधन के साथ नौ नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है।

वहीं खरीफ विपणन मौसम 2025-26 और रबी विपणन मौसम 2026-27 में अधिप्राप्ति कार्य के लिए बिहार राज्य सहकारी बैंक को राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, नाबार्ड एवं अन्य वित्तीय संस्थानों से कुल 7000 करोड़ रुपये ऋण प्राप्त करने तथा इस ऋण के अंतर्गत जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों एवं उनके माध्यम से अधिप्राप्ति कार्य में संलग्न सहकारी संस्थाओं को दिए जाने वाले ऋण पर राजकीय गारंटी प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

दरभंगा हवाई अड्डा के समीप लॉजिस्टिक पार्क एवं कार्गो हब के निर्माण के लिए चिन्हित 50.0004 एकड़ भूमि के अधिग्रहण हेतु अनुमानित 138 करोड़ 82 लाख 88 हजार रुपये की मुआवजा राशि को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त उच्च न्यायालय, पटना के कोर्ट मैनेजर के वेतनमान को लेवल-13 से घटाकर लेवल-9 तथा राज्य के व्यवहार न्यायालयों के कोर्ट मैनेजर के वेतनमान को संशोधित कर लेवल-8 में संपरिवर्तित करने की स्वीकृति दी गई है।

बिहार राज्य के अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए बिहार अधिवक्ता कल्याण न्यास समिति को राज्य आकस्मिकता निधि से 30 करोड़ रुपये अग्रिम देने का निर्णय लिया गया है। साथ ही उच्च न्यायालय, पटना में मानदेय एवं संविदा के आधार पर चार विधि सहायक पदों के सृजन तथा पूर्व से सृजित 45 विधि लिपिक पदों का पदनाम बदलकर विधि सहायक करने की स्वीकृति दी गई है।

विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा जारी एक पूर्व स्वीकृत्यादेश में संशोधन करते हुए “कस्ट्यूम डिजाइन एंड ड्रेस मेकिंग टेक्नोलॉजी” के स्थान पर “कम्प्यूटर एडेड कस्ट्यूम डिजाइन एंड ड्रेस मेकिंग” पदनाम को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा विभाग के अधीन नवस्वीकृत राजकीय पॉलिटेकनिक, बगहा (पश्चिम चंपारण) के लिए कुल 45 शैक्षणिक एवं 61 गैर-शैक्षणिक पदों सहित कुल 106 पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

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