धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश राज्य वॉलीबाल एसोसिएशन द्वारा आयोजित की जा रही प्रतियोगिता का शुभारंभ मंगलवार को लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर ने बतौर मुख्यातिथि किया। वहीं कार्यक्रम के विशेष अतिथि के रूप में वॉलीबॉल संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर भी मौजूद रहे। प्रतियोगिता के शुभारंभ मौके पर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि खेल युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि मैदान में पसीना बहाने वाले युवा ही प्रदेश और देश का भविष्य संवारते हैं। उन्होंने नई पीढ़ी को खेलों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा हिमाचल को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2014 में दायित्व संभालने पर देश का खेल बजट 800 करोड़ था, और आज देश का खेल बजट 3700 करोड़ है, जोकि यूपीए सरकार के खेल बजट से लगभग 5 गुणा अधिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने देश में खेल क्रांति लाने के लिए अपनी खेल-खिलाड़ी हित की नीतियों के माध्यम से वचनबद्धता दोहराई है। प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के खिलाड़ियों द्वारा पदक जीतने पर या ना जीत पाने पर दोनों परिस्थितियों में मिलते हैं। खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हैं। आज जब देश 2036 ओलंपिक मेजबानी के लिए तैयारी कर रहा है तो ऐसे में हमारी प्रदेश सरकार को भी इस दिशा में आगे बढ़ना होगा। प्रदेश में खेलों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ प्रदेश में विभिन्न खेलों में प्रशिक्षकों की नियुक्तियां अति आवश्यक है। हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ भी अपनी ओर से विभिन्न खेलों में प्रशिक्षकों की नियुक्ति पर गंभीरता पूर्वक कार्य कर रहा है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा स्टेट चैंपियनशिप से खिलाड़ियों को आगे कैंप और सिलेक्शन के चरणों में मौका मिलता है।
उधर पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का आधार है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खेलों की ऐसी प्रतियोगिताएं युवाओं को सकारात्मक दिशा देती हैं और उन्हें नशे व अन्य सामाजिक कुरीतियों से दूर रखती हैं। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूती मिलेगी और युवा राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाएंगे।
मिनी हॉफ मैराथन में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया और अपनी ऊर्जा व खेल भावना से वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया। अंडर-21 चैंपियनशिप में खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर दर्शकों की सराहना प्राप्त की।





