दिल्ली शराब नीति मामले में अदालत के फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज, तृणमूल का भाजपा पर हमला

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कोलकाता। दिल्ली की एक अदालत ने आम आदमी पार्टी की कथित आबकारी नीति से जुड़े मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को आरोपों से मुक्त कर दिया है। अदालत के इस फैसले का तृणमूल कांग्रेस ने स्वागत किया है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।

तृणमूल कांग्रेस के सांसद सकेत गोखले ने अदालत के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित था और विपक्षी नेताओं की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग किया, जो अब उजागर हो चुका है।

लाेकसभा में तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने भी अरविंद केजरीवाल को बधाई देते हुए भाजपा की कार्यप्रणाली की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को चुनाव से पहले निशाना बनाना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल नहीं है।

तृणमूल कांग्रेस लगातार यह आरोप लगाती रही है कि भाजपा चुनावी समय में केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने की कोशिश करती है।

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