दिल्ली: दिल्ली शराब नीति से जुड़े बहुचर्चित कथित घोटाले मामले में बड़ी राहत देते हुए अदालत ने अरविंद केजरीवाल और नेता मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सका जिसके चलते दोनों नेताओं को आरोपों से मुक्त किया जाता है। इस फैसले के बाद आप संयोजक मीडिया के सामने आए और उन्होंने इसे सत्य की जीत बताई। अरविंद केजरीवाल उस दौरान भावुक भी हो गए और उनकी आंखों से झर-झर आंसू बहने लगे।
बरी होने के बाद फूट-फूटकर रोए केजरीवाल
बरी होने के बाद आप संयोजक ने कहा कि सत्य की जीत हुई और आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रचा। हमें भ्रष्टााचारी बताया गया। आम आदमी पार्टी के पांच सबसे बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया। सिटिंग चीफ मिनिस्टर को जेल में घसीटा गया और 6 महीने तक जेल में रखा गया। इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ। हमारे उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को 2 साल तक जेल में रखा गया। हमारे ऊपर कींचड़ फेंका गया। हमने जिंदगी में बस ईमानदारी कमाई।
सीबीआई को कोर्ट की फटकार
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा कि मनीष सिसोदिया के खिलाफ शराब नीति में कोई आरोप नहीं मिले। कोर्ट ने आगे कहा कि सीबीआई द्वारा लगाया गए आरोप में कोई दम नहीं मिला, कोई आपराधिक षड्यंत्र नहीं मिला। कोर्ट ने कहा प्रॉसिक्यूशन अपना केस साबित करने में विफल रहा। यह आदेश विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने पारित किया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अरविंद केजरीवाल को भी बिना किसी ठोस और विश्वसनीय सामग्री के मामले में घसीटा गया। सभी 23 आरोपियों को अदालत ने बरी किया। न्यायाधीश ने किसी भी आरोपी के खिलाफ आरोप तय करने से इनकार कर दिया। अदालत ने सीबीआई की जांच प्रक्रिया को त्रुटिपूर्ण बताते हुए एजेंसी को फटकार लगाई।
आप संयोजक ने आगे कहा कि पिछले कुछ सालों से भाजपा जिस तरह से शराब घोटाले के बारे में कह रही थी और हमारे ऊपर आरोप लगा रही थी तो आज कोर्ट ने सभी आरोप खारिज कर दिए और सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। हमें न्यायपालिका पर भरोसा है… सत्य की जीत हुई… AAP को खत्म करने के लिए सभी बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया था… यह पूरा फर्जी केस था… केजरीवाल भ्रष्ट नहीं है। मैंने अपने जीवन में केवल ईमानदारी कमाई है। कोर्ट ने कहा है कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और AAP कट्टर ईमानदार है… अच्छा काम करके सत्ता में आइए और झूठे केस करके हमें जेल में डालना प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता।





