रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संकेत दिया है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) असम और बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी उतार सकता है। वहां आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में झामुमो स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ सकता है। यह संकेत सीएम ने मंगलवार को दुमका हवाईअड्डे से रांची उड़ान भरने के पहले मीडिया से बातचीत के दौरान दिया। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की असम यात्रा और उनके कुछ बयान निश्चित रूप से इसी ओर इशारा करते हैं।
सीएम ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि झामुमो का यह स्वतंत्र विचार है, इस विषय में पार्टी की जो राय होगी, उसके हिसाब से आगे बढ़ेंगे। सीएम ने कहा कि असम के क्षेत्रों में पूर्व से ही गुरुजी का भ्रमण होता रहा है। वहां के लोग पहले से ही झामुमो को जानते हैं। असम में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं। वहां का चाय का व्यवसाय आदिवासियों के कंधे पर है। 100-150 वर्षों से अलग-अलग राज्यों में आदिवासियों को काम लेने के लिए बसा दिया गया, पर वे अपनी मान्यता के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। जहां-जहां आदिवासी समुदाय के लोग बसे हैं, उन्हें झामुमो पर विश्वास है। अगर हमलोग उनकी आवाज बनने का कोई माध्यम बन सकते हैं तो उसमें कोई हर्ज नहीं होना चाहिए।
असम दौरे का अनुभव साझा करते हुए सीएम ने कहा कि परिणाम तो आने वाले समय में जरूर मिलेगा, लेकिन यह जरूर है कि दुनिया का बड़ा वैश्विक मंच जो था कहीं-न-कहीं अगर बहुत पहले से झाारखंड की बातें पहुंचायी गई होती तो आज परिदृश्य अलग होता। खैर बीती बातों को कुरेदने का बहुत अच्छा अनुभव नहीं मिलता है आगे बेहतर हो राज्य अपने संसाधनों के साथ आगे कैसे बढ़े अपने पैरों पर कैसे खड़ा हो ये रास्ता निकालने का प्रयास होगा।
हालांकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड के बाहर JMM के लिए एक मज़बूत उपस्थिति बनाने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन पार्टी हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में एक भी सीट हासिल करने में नाकाम रही, जिससे वे बिहार में चुनाव नहीं लड़ पाए। अब, ममता बनर्जी ने भी घोषणा की है कि TMC पश्चिम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ेगी। यह देखना बाकी है कि JMM असम और पश्चिम बंगाल में चुनावी मैदान में उतरेगी या नहीं।





