—शत-प्रतिशत उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारियों को काम में तेजी लाने के दिए निर्देश, 2030-31 तक जारी रहेगा पीएमआरयू कार्यक्रम
रांची, 02 नवंबर। झारखंड में दवाओं की कीमतों पर निगरानी रखने और उचित मूल्य पर उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में फार्मास्यूटिकल प्राइस मॉनिटरिंग एंड रिसोर्स यूनिट (पीएमआरयू) ने 97 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है। शेष लक्ष्य पूरा कर शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारियों को काम में तेजी लाने का निर्देश दिया है।
पीएमआरयू की शासी निकाय की बैठक में हुई समीक्षा
यह निर्देश सोमवार को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित पीएमआरयू की शासी निकाय की बैठक में दिया गया। बैठक में अपर मुख्य सचिव ने बताया कि भारत सरकार ने पीएमआरयू कार्यक्रम को वित्तीय वर्ष 2030-31 तक विस्तारित करने की स्वीकृति दी है। उन्होंने सभी गतिविधियों की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को तय समयसीमा में पूरा करने का निर्देश दिया।
एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने पर होगी कार्रवाई
बैठक में दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक कीमत वसूलने, दवाओं के दाम में अनियमित वृद्धि और बाजार में उनकी उपलब्धता की नियमित निगरानी पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने और नियमों का उल्लंघन करने के मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
‘फार्मा सही दाम’ ऐप से दर्ज करा सकेंगे शिकायत
अपर मुख्य सचिव ने आम लोगों को जागरूक करने के लिए ‘फार्मा सही दाम’ मोबाइल ऐप का प्रचार-प्रसार करने का भी निर्देश दिया। इस ऐप के माध्यम से उपभोक्ता दवाओं की कीमत, संरचना और उपलब्धता की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा दवाओं के लिए अधिक कीमत वसूले जाने पर शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।
बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, निदेशक (औषधि) ऋतु सहाय, सहायक निदेशक राम कुमार झा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।






