पटना में छात्रों के आंदोलन के दौरान एके-47 से फायरिंग के आरोपों को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल ने सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजभवन मार्च की तैयारी की गई है। आरजेडी का आरोप है कि छात्रों के आंदोलन के दौरान फायरिंग की घटना गंभीर है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
तेजस्वी यादव के राजभवन मार्च को लेकर सत्ता पक्ष ने भी हमला बोला है। बिहार सरकार के मंत्री केदार गुप्ता ने इसे महज राजनीतिक दिखावा करार दिया। उनका कहना है कि तेजस्वी यादव का राजभवन मार्च केवल आईवॉश है। उन्होंने सवाल उठाया कि विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश क्यों कर रहा है।
वहीं, आरजेडी का कहना है कि छात्रों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के सवाल पर पार्टी पीछे नहीं हटेगी। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मार्च में शामिल होने की अपील की गई है। इसको लेकर पटना में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
छात्र आंदोलन के दौरान कथित फायरिंग का मुद्दा अब राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सत्ता पक्ष विपक्ष के आंदोलन की मंशा पर सवाल उठा रहा है।
राजभवन मार्च के जरिए आरजेडी सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष का कहना है कि कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार गंभीर है और राजनीतिक प्रदर्शन के बजाय तथ्यों के आधार पर बात होनी चाहिए। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बिहार की सियासत और गरमाने के आसार हैं।






