चंडीगढ़: नगर निगम हाउस में गुरुवार को मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के लिए वोटिंग हुई. तीनों सीटों पर बीजेपी का कब्जा रहा. सौरव जोशी चंडीगढ़ के नए मेयर बने. वहीं, जसमनप्रीत बने सीनियर डिप्टी मेयर बने. इसके साथ ही सुमन शर्मा डिप्टी मेयर बनी हैं. जीत के लिए जादुई आंकड़ा 19 वोट का था. तीनों पार्टियों (BJP, कांग्रेस और AAP) ने गठबंधन के बजाय अकेले चुनाव लड़ा.
अहम बात है कि मेयर के लिए वोटिंग करने के बाद कांग्रेसी पार्षद और सांसद सदन छोड़कर चले गए. ऐसे में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर की वोटिंग में कांग्रेस को कोई वोट नहीं मिला. जानकारी के अनुसार, गुरुवार को सबसे पहले 11 बजे मेयर चुनाव के लिए वोटिंग शुरू हुई और इसमें भाजपा ने बाजी मारी.
घोषित नतीजों में BJP के सौरव जोशी को 18 पार्षदों के वोट मिले, जबकि AAP के योगेश ढींगरा को 11 और कांग्रेस के गुरप्रीत सिंह गब्बी को 07 वोट मिले. इनमें 6 पार्षद और एक वोट सांसद मनीष तिवारी का शामिल था. हालांकि, बहुमत के लिए 19 वोटों की जरूरत थी, लेकिन त्रिकोणीय मुकाबले में सबसे अधिक वोट (18) प्राप्त करने के आधार पर सौरव जोशी को विजेता घोषित किया गया.
जीत के बाद भावुक हुए सौरभ जोशी
मेयर पद पर जीत के बाद सौरभ जोशी भावुक हो गए. उन्हें साथियों ने अपनी सीट पर बिठाया. अहम बात है कि वह अपने पिता की फोटो साथ लेकर आए थे.
बता दें कि 1996 के बाद पहली बार बैलेट पेपर के बजाय पार्षदों ने हाथ उठाकर और मौखिक घोषणा के साथ अपने मत का प्रयोग किया. सभी पार्षदों ने अपने वोट के बाद दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी किए। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सदन में पहुंचकर मतदान किया. मतदान से पहले उन्होंने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया.

पीठासीन अधिकारी रमनीक सिंह ने पारदर्शिता के लिए सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की थी, ताकि पिछली बार जैसी धांधली की कोई गुंजाइश न रहे.





