गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति का सीएम सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण, अधिकारियों को लगातार निगरानी और राहत कार्य तेज करने का निर्देश

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पटना, 24 अगस्त । बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए विभिन्न प्रभावित एवं संवेदनशील इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने नवगछिया के राघोपुर दियारा, कोसी-गंगा संगम क्षेत्र, बेगूसराय और बख्तियारपुर समेत कई इलाकों का जायजा लिया।

संवेदनशील क्षेत्रों में अलर्ट रहने का निर्देश

हवाई सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने गंगा और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर, दियारा क्षेत्रों और निचले इलाकों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की भी समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने और संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जलस्तर में होने वाले बदलाव की नियमित निगरानी की जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

बाढ़ प्रभावितों तक समय पर पहुंचे राहत

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक भोजन, पेयजल, राहत सामग्री और अन्य जरूरी सुविधाएं समय पर पहुंचाई जाएं। किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने को कहा गया।

उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक मरम्मती कार्य भी अविलंब पूरा कराने का निर्देश दिया।

भागलपुर एयरपोर्ट पर अधिकारियों के साथ समीक्षा

हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने भागलपुर एयरपोर्ट पर उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें बाढ़ की स्थिति, नदियों के जलस्तर, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पानी का दबाव तेजी से कम हो रहा है और जल्द ही स्थिति में सुधार होने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री की पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद फरक्का बराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं।

‘बाढ़ प्रभावितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता’

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राहत और बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। जिला प्रशासन और संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और स्थिति पर लगातार नजर रखें।

उन्होंने जल संसाधन विभाग को पूरी तरह मुस्तैद रहने और लगातार मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को एसओपी के अनुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और राहत एवं बचाव कार्य पूरी मुस्तैदी तथा संवेदनशीलता के साथ संचालित किए जाएं।

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