गंगा की गाद से कम होगा कटाव का खतरा, भागलपुर की चार सड़क परियोजनाओं को मिलेगी मुफ्त मिट्टी

Share

भागलपुर, 05 नवंबर। बिहार के बाढ़ और नदी कटाव प्रभावित भागलपुर जिले में गंगा की गाद हटाने की योजना से राहत की उम्मीद जगी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और बिहार सरकार के बीच ‘नदी संजीवनी’ कार्यक्रम के तहत हुए समझौता ज्ञापन के अनुसार, गंगा से वैज्ञानिक तरीके से निकाली गई गाद का इस्तेमाल आसपास की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में भराव के लिए किया जाएगा। इससे सड़क निर्माण में मिट्टी की जरूरत पूरी करने के साथ नदी की गाद हटाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

गाद जमा होने से बढ़ रहा कटाव का खतरा

जल संसाधन विशेषज्ञों के अनुसार, बक्सर और पटना की तुलना में भागलपुर और कटिहार की ओर गंगा में अधिक गाद जमा होती है। इसके कारण नदी की चौड़ाई कई स्थानों पर बढ़कर 38 से 40 किलोमीटर तक बताई जाती है। नदी में गाद जमने से जल प्रवाह प्रभावित होता है और पानी के रास्ता बदलने की स्थिति में किनारों पर कटाव का खतरा बढ़ जाता है।

भागलपुर के खरीक प्रखंड स्थित राघोपुर मार्जिनल बांध और सुल्तानगंज के भवनाथपुर में हाल के दिनों में गंगा के तेज कटाव और बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है। इससे हजारों परिवार प्रभावित हुए और कई लोगों को पलायन करना पड़ा।

ड्रेजिंग से मुख्य धारा में जल प्रवाह बढ़ने की उम्मीद

योजना के तहत गंगा से ड्रेजिंग के जरिए गाद निकाली जाएगी। इसका उद्देश्य नदी के जल प्रवाह को बेहतर बनाना और निकाली गई सामग्री का सड़क निर्माण में उपयोग करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैज्ञानिक तरीके से गाद हटाने और जल प्रवाह में सुधार होने से तटबंधों पर दबाव कम हो सकता है।

इससे खरीक, नवगछिया, गोपालपुर, नाथनगर और सुल्तानगंज के दियारा क्षेत्रों में कटाव का खतरा घटने की उम्मीद है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव ड्रेजिंग के स्थान, मात्रा, तकनीक और नदी की प्राकृतिक प्रवृत्ति पर निर्भर करेगा।

चार सड़क परियोजनाओं में होगा गाद का इस्तेमाल

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भागलपुर और आसपास की सड़क परियोजनाओं में गंगा से निकाली गई गाद का इस्तेमाल करेगा। इससे निर्माण कार्यों के लिए भराव सामग्री की उपलब्धता बढ़ेगी।

प्रमुख परियोजनाएं इस प्रकार हैं—

  • भागलपुर बाईपास-रसलपुर फोरलेन: इस परियोजना में सड़क निर्माण के दौरान बड़े पैमाने पर भराव के लिए गाद का उपयोग किया जाएगा।
  • मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन: भागलपुर के लिए महत्वपूर्ण इस सड़क गलियारे के निर्माण में भी गंगा से निकाली गई सामग्री इस्तेमाल होगी।
  • भागलपुर-खड़हरा (ढाका मोड़) फोरलेन: बांका और संताल परगना को जोड़ने वाली इस परियोजना में गाद का उपयोग किया जाएगा।
  • मणिकपुर-साहेबगंज फोरलेन: इस मार्ग के सुदृढ़ीकरण में भी गाद को भराव सामग्री के विकल्प के रूप में इस्तेमाल करने की योजना है।

कटाव पीड़ित ग्रामीणों को राहत की उम्मीद

खरीक के कटाव प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ के दौरान उनके घर और खेत गंगा में समा जाते हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि यदि सरकार वैज्ञानिक तरीके से गाद हटाकर नदी के प्रवाह में सुधार करती है, तो उन्हें कटाव और विस्थापन की समस्या से राहत मिल सकती है।

गंगा से गाद निकालने और उसका सड़क निर्माण में उपयोग करने की यह योजना नदी प्रबंधन तथा आधारभूत संरचना विकास को जोड़ने की पहल है। हालांकि, भागलपुर के बाढ़ और कटाव प्रभावित इलाकों को इससे कितनी राहत मिलेगी, यह योजना के क्रियान्वयन और उसके वास्तविक परिणामों पर निर्भर करेगा।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
November 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
30