पलामू, 05 नवंबर । पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के मोहम्मदाबाद गांव में 20 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने उसके पिता और सौतेली मां को गिरफ्तार किया है। मृतका की बहन ने दोनों पर लगातार मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मौत से पहले बहन को फोन कर बताई थी प्रताड़ना की बात
मृतका की पहचान अफसाना परवीन के रूप में हुई है। उसकी बहन अजमेरी बीबी ने 4 नवंबर को हुसैनाबाद थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदन में उसने आरोप लगाया कि अफसाना के पिता रहुफ अंसारी और सौतेली मां जूही परवीन उसके साथ लगातार मारपीट करते थे और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे।
शिकायत के अनुसार, 3 नवंबर की रात करीब 11 बजे अफसाना ने अपनी बहन को फोन कर घर में हो रही मारपीट और प्रताड़ना की जानकारी दी थी। उसने यह भी कहा था कि वह प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर सकती है। मृतका ने अपने बहनोई को मोबाइल संदेश के माध्यम से भी अपनी परेशानी बताई थी।
शिकायत के आधार पर पिता और सौतेली मां गिरफ्तार
अगले दिन अफसाना की मौत की खबर मिलने से परिवार और गांव में मातम छा गया। इसके बाद उसकी बहन ने पिता और सौतेली मां के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
हुसैनाबाद के एसडीपीओ दिव्यांश शुक्ल ने गुरुवार को बताया कि लिखित शिकायत के आधार पर हुसैनाबाद थाना कांड संख्या 223/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 एवं 35(3) में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने अनुसंधान के दौरान त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जुटा रही साक्ष्य
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मोहम्मदाबाद निवासी 50 वर्षीय रहुफ अंसारी और उनकी 35 वर्षीय पत्नी जूही परवीन के रूप में हुई है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घरेलू हिंसा की शिकायतों को गंभीरता से लेने की अपील
पलामू पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना से जुड़ी घटनाओं को गंभीरता से लें। यदि कोई व्यक्ति आत्महत्या करने की बात कहता है, तो उसे अकेला न छोड़ें और तत्काल पुलिस को सूचना दें।
अफसाना की मौत ने परिवार के भीतर कथित प्रताड़ना और समय रहते मदद पहुंचाने की जरूरत को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की जांच जारी है।






