ढाका। भारत-बांग्लादेश संबंधों के बीच मौजूदा तनाव के बावजूद विदेश मंत्री जयशंकर का ढाका दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जयशंकर भारत सरकार और जनता का प्रतिनिधित्व करते हुए बांग्लादेश नेशनल पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर बुधवार ने दिवंगत नेता के पुत्र और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तारीख रहमान से मुलाकात की और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भेजा गया व्यक्तिगत शोक संदेश सौंपा।
विदेश मंत्री ने एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते की। उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत सरकार और भारत के लोगों की ओर से अपनी संवेदनाएं प्रकट की और विश्वास जताया कि बेगम खालिदा जिया के विजन और मूल्यों के तहत ही भारत-बांग्लादेश सहयोग के विकास को दिशा मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि बेगम खालिदा जिया का कल सुबह 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। वह बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। लिवर सिरोसिस, डायबिटीज, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं। उनके निधन पर बांग्लादेश में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है और बीएनपी ने सात दिन का शोक घोषित किया है।
भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह ने जयशंकर और तारिक रहमान की मुलाकात की तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा- ‘माननीय भारतीय विदेश मंत्री ने ढाका में, भारत सरकार और लोगों की ओर से संवेदनाएं व्यक्त कीं। बांग्लादेश पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के निधन पर शोक मना रहा है। उन्होंने लोकतंत्र में उनके योगदान को स्वीकार किया और आगामी चुनाव (फरवरी 2026) के माध्यम से बांग्लादेश में लोकतांत्रिक बदलाव के बाद बांग्लादेश-भारत संबंधों को मजबूत करने की उम्मीद जताई।’ तस्वीरों में जयशंकर अपने बांग्लादेशी समकक्ष तौहीद हुसैन के साथ बातचीत करते हुए भी नजर आ रहे हैं।
पीएम मोदी ने अपने एक्स पोस्ट में खालिदा जिया के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया था और 2015 में ढाका में हुई उनकी मुलाकात को याद किया था। मोदी ने कहा था कि बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
जनाजे में पाकिस्तान की ओर से भी उच्चस्तरीय प्रतिनिधि शामिल हुए। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने भी शोक संदेश जारी किया। खालिदा जिया बांग्लादेश की तीन बार प्रधानमंत्री रहीं और देश की राजनीति में दशकों तक प्रभावशाली रहीं। उनके बेटे तारिक रहमान हाल ही में 17 साल के निर्वासन के बाद लंदन से वापस लौटे हैं और अब बीएनपी की कमान संभाल रहे हैं।





